कुछ शेर

१. इठला मत…..मर्ज की नई दवा के साथ
तेरा हकीम बदलता है दवा, हवा के साथ।

 

२. हमने बाज़ के हाथों में…..जब टूटे बिखरे पर देखे
कहा खुद ज़मीन मत भूलना विपुल,..जब ऊपर देखे

विपुल त्रिपाठी

 

 

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