नहीं मिलता

सबको नहीं मिलता

प्यार सबको नहीं मिलता ।

माॅ कितने प्यार से

पालती है ।

पोसती है ।

मंा हो तो सब को प्यार आता है ।

मंा कुछ दिन बच्चे हो छोड जाए

तेा बच्चा भार लगने लगता है ।

मंा संसार को छोड़ जाए तो

वही

ग्वार , बेकार , और

अनाज का दुष्मन दिखाई देता है ।

मां से आष्याना बनता है ।

आष्याने से मां नहीं ।

बिन बर्खा सागर

कौन भरे

बिन मां के

आदर कौन करे ।

प्यार मां का

पून्य करने वालों को मिलता है ।

पून्य करने वालों को मेरा

शत् शत् प्रणाम है ।

……………….  ऋचा शर्मा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Facebook
Google+
http://swargvibha.in/onlinemagazine/2018/10/20/%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%A4%E0%A4%BE">
Twitter
LinkedIn