फोटोग्राफ

 

 

 

भविष्य में जीवंत  रखने का

वतर्मान  को उसी रूप  में

 

प्रयास  भर ॰॰॰॰॰   |

 

कृपा

फव्वारे की तरह “ वह “

निरन्तर बहता है —

अब  यह “ पात्र” पर

निर्भर करता है  कि —

वह कितना  भरता है ॰॰॰॰|

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

स्वप्न – साकार

पहले  उन्होंने

लालकिले की  प्रतिकृति से

ओजस्वी भाषण  दिया –

जो विरोधियों को खला

खूब खिल्ली भी उड़ाई गई |

किन्तु—

कठिन परिश्रम और

जनता के भरपूर  मिले आशर्वाद से

वही

लालकिले से संबोधित कर ,

देखें गए स्वप्न साकार  करेंगे |

 

रामचन्द्र किल्लेदार

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