– अंकुश्री

सूखा और बाढ़ का प्रकोप पूरे राज में व्याप्त था. लोग भूख से तड़प रहे थे. भूखमरी भी हो गयी थी. सूखा और बाढ़ के कारण राजा बहुत चिंतित थे. स्थिति से निपटने हेतु वे अपने तंत्रों के माध्यम से चिंता व्यक्त कर रहे थे. यह प्रचारित भी करवाया गया कि किसी को भूख से मरने नहीं दिया जायेगा. यह भी प्रचारित हुआ कि राज में अन्न की कमी को पूरा कर लिया गया है और अन्न के निःषुल्क वितरण के लिये गरीबों के बीच ‘‘लालकार्ड’’ बांटे जा रहे हैं.
भूखमरी के कगार पर खड़ी राज की जनता ने घोषणा सुन कर राहत की सांस ली.
बात राजव्यापी भूख की ठहरी. निःषुल्क अन्न प्राप्ति हेतु ‘‘लालकार्ड’’ लेने की होड़ लग गयी. ‘‘लालकार्ड’’ प्राप्त करने में लोगों को बहुत मुष्किलों का सामना करना पड़ रहा था. इसके लिये लोग तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे थे.
‘‘लालकार्ड’’ प्राप्त कर लेने वाले अपने को धन्य मान रहे थे. उनके चेहरे पर संतोष की झलक व्यापने लगी. लेकिन ‘‘लालकार्ड’’ के घोषित उपयोग से होने वाले संतोष की झलक उनके चेहरे पर नहीं व्याप सकी. सभी कार्डधारियों तक कभी कुछ पहुंचा ही नहीं.

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