अपराध की दुनिया के दृश्य घिनौने हो गए

अपराध की दुनिया के दृश्य घिनौने हो गए।
इंसानियत का कद घटा किरदार बौने हो गए।
ढाई आख़र पढ़ न पायी शायद हमारी ये सदी,
उसका ही परिणाम है कि रिश्ते तिकोने हो गए।

अमरेश सिंह भदौरिया

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