TOP BANNER

TOPBANNER







flower



mar 2017
कविताएँ 

आलेख

गज़ल

मुक्तक

हाइकु

कहानी





संस्थापिका एवं प्रधान सम्पादिका--- डॉ० श्रीमती तारा सिंह
सम्पादकीय कार्यालय--- --- 1502 सी क्वीन हेरिटेज़,प्लॉट—6, सेक्टर—
18, सानपाड़ा, नवी मुम्बई---400705
Email :-- swargvibha@gmail.com
(m) :--- +919322991198

flower5

rosebloom





 

 

 

अंक: सितम्बर २०१७ 


LOGO



redrose



flowers1



tulips










flower3



valrose

 

किस्मत हम पे रोती है, हम किस्मत पर रोते हैं--डॉ० श्रीमती तारा सिंह

 

 

किस्मत हम पे रोती है, हम किस्मत पर रोते हैं
फ़िर भी जिंदगी के सफ़र में, हम साथ फ़िरा करते हैं

 

कभी उसका हाल मेरे जैसा,कभी मेरा उसके जैसा कभी वह
हमारे होशो-खिरद1 का शिकार,कभी हम उसका करते हैं

 

उसके कूचे में कोई शोर या कयामत का जिक्र नहीं
होता , मगर हंगामें , आठो पहर हुआ करते हैं

 

जिंदगी ने सुलह की बात उससे कई बार की, मगर जो
न हो तबियते काबिल, कोई तरबियत2 से कब संवरते हैं

 

अब तो बहरे-जहाँ3 में कश्ती-ए-उम्र हर क्षण तबाह
रहती है, कब टूटकर लगेगा किनारा,यही सोचा करते हैं



1. चेतना और बुद्धि 2.शिक्षा 3.दुनिया रूपी समुद्र

 

 

 

 

HTML Comment Box is loading comments...