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अंक: जून २०१७


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जीवन सत्यता की परिभाषा---अखिलेश कुमार भारती

 

 

जीवन क्या है- यह प्रश्न् सदैव जिज्ञासुओं को उद्वेलित करते आया है- जीवन उतार-चढ़ाव का प्रयाय है, यह सांसारिक जीवन दर्शन का बोधक है। आज सुख है कल दुःख भी है, किसी न किसी रूपेण इस इकाई से हम मुह मोड़ नही सकते। हर स्थितियों और परिस्थितियों में हमें एक जैसा रहना कठिन सा है पर असम्भव नही। संघर्ष हमारे जीवन का सबसे बड़ा आशिर्वाद है। जीवन को उत्कृष्ट करने के लिए तन -मन से मेहनत कर नया वातावरण बनाना पड्ता है । नए चेतना उन्मुक्त होने के लिए अपनी कुशल योग्यता पहचानने पड़ते है, जीवन में अगर संघर्ष है, कठिनाई है तो समझो जीवन सही रास्ते पे चल रही है। जीवन विचारों का खेल है, सभी प्राणी को इस खेल को खेलना पड़ता है, कोई तेज खेलता है, कोई धीमी, परंतु यह खेल मनुष्य को हर पल खेलना पड़ता है। मनुष्य का सबसे बड़ा मित्र और दुश्मन भी उसके विचार ही होते है, जिसे हम सकारात्मक और नकारात्मक भी कह सकते है । जिन्हें यह खेल में महारत हासिल हो जाता है, उन्हें हम कहते है की उन्हें आध्यात्मिक और प्रबतलता का बोध हो चूका है, यही जीवन का सारतत्व है। गतिशीलता ही सफलता की राह आसान करती है, अपितु निरंतर प्रयास सही दिशा देती है, इंसान बनकर इंसानियत की भाषा केवल श्रेष्ठ मनुष्य ही दे सकता है।


हर मानव अपने जीवन में सफल होना चाहता है, पर सफलता को प्राप्त करने के लिए हमें सर्वप्रथम सफल जीवन की परिभाषा को जानना होगा। सफलता-असफलता दो कड़ी है, बीच में "अ" अक्षर का आतंरिक भेद है। इसे बरकरार रखना कठिन होता है। समय की परछाई के साथ हम अपनी गाडी को नही भगा पाते, अतएव इन सब स्थितियों से गुजरना पड़ता है, परंतु अपने को हमेशा मुस्कान, ख़ुशी के लिए कुछ करना है, बनना है ऐसा प्रयाय नही होना चाहिए । कुछ करना सोचोगे तो खुद -बखुद इतना मिल जायेगा की बनना सोचने से ज्यादा ही आशान्वित लगेगा । मनुष्य के पास चाहे जितना भी धन हो, सोना-चांदी हो या घर-परिवार हो अगर जीवन में खुशी ना हो तो जिंदगी बेकार है। खुशियाँ एक चुम्बकीय गुण है, बाँटो तो और सुख मिलता है। सभी लोग जीवन को अपने-अपने नजरिये से देखते है । सफलता उन्हें मिलती है, जो सपने देखना पसंद करते है, जिनके सपनो मे जान होती है।

 

बड़ा आदमी बनना आसान हो सकता है, अपितु बड़प्पन एवम अपनत्व अपने अंदर लाना उतना ही कठिन है | अच्छे बनने की होड़ में अपने अच्छाई को कतई पीछे न छोड़ना, नही तो बुराई आगे आकर आपकी अच्छाई को नष्ट कर देगी, जो आपके जीवन मूल्यो को ख़त्म कर देती है | सदैव सकारात्मक पहलू विद्धवता का परिचायक है| नकारात्मक सीढ़ियों के सहारे हम सकारात्मक विचारो की नींव बना सकते है। जिस किसी मानव ने प्रमाणिकता की कसौटी से खरे उतरे है, वही अपनी अंतर -चेतना की अनुभूति में स्वयं को महसूस कर सकते है । दुनिया में जीने का एक मुकाम होता है, हर किसी के जिंदगी का इस दुनिया में हिसाब होता है, जीना जानते है सही से कुछ लोग, पर जिंदगी जीने का अंदाज कुछ को ही होता है | तकदीर लिखती नहीं बनाई जाती है | मन से इंसान को नही हारना चाहिए, क्योंकि मन से हारा हुआ इंसान कभी जीत नही पाता। हारा हुआ इंसान कमजोर नही होता, अपितु मन से हारा हुआ इंसान कमजोर होता है । समय की उपियोगिता सफलता की राह दिखाती है, और सौम्यता, विनम्रता चारित्रिक दर्पण होता है । महानता गिरने से कम नही होती अपितु गिर कर उठने से महानता प्रबल होता है।


नास्तिक और आस्तिक जीवन विलोम हमने खुद ही बनाया है, और हम समय -समय स्वयं ही इसे परिभाषित करते है, क्या इसे परिभाषित करने से जीवन उत्कृष्ट हो जायेगा, शायद नही, जीवन पुण्य निर्मल पवित्र आत्मा को रखने से मिलती है । गतिशीलता ही सफलता की राह आसान करती ।जीवन को तूफ़ान के गुजरने का इंतज़ार नही करना चाहिए, अपितु बरसात में भींग कर जीवन का अमृतमय आंनद लेना चाहिए। काम छोटा हो या बड़ा जीवन कभी समाप्त नही होता, राह बदलते रहते है, काम कभी ख़त्म नही होता अपितु समय के साथ निरंतर नयी परिभाषित होते जाती है। जिस नज़र से आप इस दुनिया को देखोगे, वैसा ही आपको सबकुछ लगेगा। अनाथ, असहाय की मदद करने से जितनी पुण्य मिलती है, उतना ही पुण्य निर्मल पवित्र आत्मा को रखने से मिलती है ।

 

हौसलों से विजय गाथा परिभाषित होता है, हर सफल इंसान एक -सा नहीं होता, और उन्हें बुलंदियों पर पहुँचाने वाले भी एक -सा नही होते| अकेले मंजिल पाना कठिन-सा, पर असंभव- सा नहीं, कांटो पर चल कर मुस्कुराना भी एक जिंदगी है| जीवन सुख-दुःख का पहिया है, कभी किसी वक्त हताश न होना| जीवन में आए मुश्किलों से अपने को परेशान न करना, जीवन उतार-चढ़ाव का पर्याय है, कभी अपने आत्मबल को कमजोर न होने देना| अँधियारी जाएगी, नया सवेरा आएगा, जीवन के कठिन मोड़ पे, नए चेतना उन्मुक्त होंगे ।
ह्रदय को पवित्र करें नया वातावरण बनने को है| अपनी कुशल क्षमताएँ पहचानें, सारी सुख-सुविधाएँ आने को है, अपने स्वाभिमान से अपने आत्मविश्वास में नया जोश भरे यही जीवन का सही परिभाषा है, जिसे हर मनुष्य को अपने ह्रदय के धरातल पे उतारना चाहिए।


अखिलेश कुमार भारती

 

 

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