Swargvibha

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             स्वर्गविभा
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,नये-पुराने साहित्यकारों का वह मिलनमंच है ,जहाँ विश्व के कवियों ,लेखकों, गज़लकारों तथा उपन्यासकारों को ससम्मान एक मंच पर नि:शुल्क लाकर खड़ा करती है । केवल आदान मात्र मनुष्य को पूर्ण संतोष नहीं देता, उसे प्रदान का भी अधिकार चाहिये ,और इसी अधिकार का विकसित मंच है स्वर्ग विभा ।
ONLINE HINDI MAGAZINE
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  जनवरी—-2014

 वर्ष---2 , अंक-- 3

              

SAMACHAR

डा तारा सिंह मुम्बई को इस वर्ष का साज जबलपुरी लाइफटाइम वर्तिका अवार्ड
स्वर्गविभा तारा ऑन लाइन प्रतियोगिता 2014
स्वर्गविभा तारा राष्ट्रीय सम्मान 2014 हेतु प्रविष्टियाँ आमंत्रित
शौचालय के लिए पति को छोड़ने वाली दलित महिला को सुलभ देगा दो लाख का पुरस्कार
जनवरी को जन्मे हिंदी परिवार के ६ सदस्यों का जन्मोत्सव मनाया गया
स्वर्गविभा तारा राष्ट्रीय सम्मान 2013 की घोषणा

AALEKH

भारत के गाँव ..... डा० श्रीमती तारा सिंह
युवावर्ग और रचनात्मकता एक विवेचना .....डाँ नन्द लाल ’ भारती ’
एक प्रखर युवा तपस्वी .....भारती दास
राजनीति मे न्यूनतम शिक्षा का मापदंड होना ज़रूरी है .....दीपक शर्मा

GAZAL

जिंदगी की शाम ढ़लने लगी ....डा० श्रीमती तारा सिंह
एक चिंगारी खोज रहा हूं राख हुए अवशेष में ......आर० सी० शर्मा “आरसी”
अपने सूटकेस में मेरा सलाम भी कहीं रख लेना ....Vipul Tripathi
जवानों की जवानी ....Shubham Jain

KAVITA

यहीं कहीं है .....बीनू भटनागर
सूद चुकाना बाक़ी है ....देवी नागरानी
पुष्पांजलि .....डॉ नन्द लाल भारती   
चलता हूँ मैं कहाँ अकेला .....डा० श्रीमती तारा सिंह

KAHANI

दोस्ती, प्यार और ज़िन्दगी का चौराहा ! .....VIJAY KUMAR SAPPATTI
मन की यात्रा ....देवी नागरानी
शिखर की खुशी ...बालकथाः ....शशांक मिश्र ’भारती’
पति –परमेश्वर ....डा० श्रीमती तारा सिंह  

GEET

तू क्या जाने ....तुषार राज रस्तोगी
तेरा नाम पीता हूँ ....संजय कुमार शर्मा
फहरा नहीं तिरंगा... संजीव ‘सलिल’

 

 

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