TOP BANNER

TOPBANNER







flower



july2015
कविताएँ 

आलेख

गज़ल

गीत

मुक्तक

हाइकु

कहानी





संस्थापिका एवं प्रधान सम्पादिका--- डॉ० श्रीमती तारा सिंह
सम्पादकीय कार्यालय--- --- 1502 सी क्वीन हेरिटेज़,प्लॉट—6, सेक्टर—
18, सानपाड़ा, नवी मुम्बई---400705
Email :-- swargvibha@gmail.com
(m) :--- +919322991198

flower5

rosebloom





 

टूटे रे मन- -प्रदीप कुमार दाश "दीपक"

 

टूटे रे मन
01.
घुटते दम
देश अशांत देख
टूटे रे मन ।
----0----
02.
सरोवर में
देख साया चाँद की
खिला कुमुद ।
----0----
03.
भव सरिता
मन हुआ नाविक
खे रहा नाव ।
----0----
04.
व्यथा उमड़ी
वेदना आकाश में
ले उड़ चली ।
----0----
05.
हँसे अतीत
रुलाए वर्तमान
अनागत को ।
----00----

 

 

HTML Comment Box is loading comments...