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श्रीमान बुद्धिमान ---विपुल त्रिपाठी

 

 

लघु-कथा

 


एक श्रीमान बुद्धिमान सिंह थे.
बड़े ही सेल्फ मेड टाइप के.....अपनी बुद्धिमानी और अपने अचीवमेंट पे बड़ा नाज़ था.
एक दिन भरी बाल्टी भर दूध को नाली में डाल रहे थे.....
एक आदमी ने कहा कि ऐसा क्यों कर रहे हो....????
तो बोले तुझे क्या....???मेरा दूध है....मै कुछ भी करूँ....
ज्यादातर बुद्धिमान सिंह सरकारी नौकरी में होते है.....
और ट्यूशन कोचिंग में दूध डालते रहते है......
चाहे बच्चे का हुनर कुछ भी हो......................................विपुल

 

 

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