स्वर्गविभा : अन्तरजाल पत्रिका…… संस्थापिका एवं प्रधान सम्पादिका— डॉ० श्रीमती तारा सिंह

स्वर्ग विभा (www.swargvibha.in),नये-पुराने साहित्यकारों का वह मिलनमंच है ,जहाँ विश्व के कवियों ,लेखकों, गज़लकारों तथा उपन्यासकारों को ससम्मान एक मंच पर नि:शुल्क लाकर खड़ा करती है । केवल आदान मात्र मनुष्य को पूर्ण संतोष नहीं देता, उसे प्रदान का भी अधिकार चाहिये ,और इसी अधिकार का विकसित मंच है स्वर्ग विभा । यह विद्वानों व साहित्य-प्रेमियों के बुद्धिकार्य के स्थूल ग्यान से लेकर इसके जन्म देने वाले सूक्ष्म विचारों की अनुभूतियों को भी स्वयं में संचित करती है । इस प्रकार वामन जैसा लगने वाली स्वर्ग विभा, असीमता में बढ़ती-बढ़ती विराट हो सकती है ; बशर्तेकि आप सबों का सहयोग और प्यार यूँ ही मिलता रहे ।

संस्थापिका एवं प्रधान सम्पादिका— डॉ० श्रीमती तारा सिंह

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डॉ० बी० पी० सिंह
का० सम्पादक, स्वर्गविभा

Tara Singh (author)

 

She is the founder president of the Hindi website Swargvibha and Chief Editor of swargvibha online quarterly magazine , which has numerous collections & gives away Swargvibha Tara award to promising Hindi writers/ journalists every year. She is the working president of the Sahityik, Sanskritik and Kala Sangam Academy, Pratapgarh (U.P.). She takes keen interest in writing poems, gazals, stories, novels and filmy songs.

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