“आंख का बादल गले में बर्फ सा–अनुराग ‘अतुल’

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“आंख का बादल गले में बर्फ सा अटका रहा,
हाथ में रूमाल लेकर आह, मैंने कर दिया !
मां की आंखों से जो आंसू बह रहे थे, हाथ पर, ले
अपनी सारी डिग्रियों को स्याह मैंने कर दिया…!”

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