कहते हैं मेरे दोस्त, मेरा सूरते हाल देखकर

कहते      हैं     मेरे     दोस्त,   मेरा    सूरते   हाल    देखकर कर  ले  न  ख़ुदा तुझको  याद ,तू  ख़ुदा  को  याद  कर   आदमी  खाक  का  ढ़ेर है, वादे-फ़ना1 कुछ भी नहीं मौत  का  सजदा2 हो, मौत से न कोई फ़रियाद कर   Read More …

72 वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल बिहारी लाल सम्मानित

72 वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल बिहारी लाल सम्मानित +++++++++++++++++++++++++++++++++ रवि शंकर नई दिल्ली।72 वें स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर भारत सरकार के उपक्रम पवन हंस लि. के मुख्यालय नोयडा में झंडोतोलन के बाद एक कवि सम्मेलन का आयोजन Read More …

जरुरी नहीं की इन्सान प्यार की मूरत हो—Sanchita Lahiri

Sanchita Lahiri December 15, 2016 जरुरी नहीं की इन्सान प्यार की मूरत हो, सुंदर और बेहद खुबसूरत हो, अच्छा तो वही इन्सान होता है, जो तब आपके साथ हो जब आपको उसकी जरुरत हो !!

“कर्तव्यनिष्ठता” —डॉ. रजनी अग्रवाल “वाग्देवी रत्ना”

Dr. Rajni Agrawal 9:58 AM (7 hours ago) to me “कर्तव्यनिष्ठता” अब ये किसका मोबाइल बजने लगा? तंग आ गई हूँ इन घंटियों के शोर से। बहू देख तो ज़रा …कहते हुए श्यामा ने बूढ़ी हड्डियों को सहारा देते हुए Read More …

कह – मुकरी——–डॉ. रंजना वर्मा

कह – मुकरी —————– अपने मन की नित्य चलावै अवसर पावत मोहिं सतावै सहे न जायें वा के तेवर । का सखि , साजन ? ना सखि , देवर ।।1 —————————- बिन पेंदी लोटा सी डोले सीधे मुख कबहूँ नहिं Read More …

प्रकृति का संरक्षण स्वयं के अस्तित्व का संरक्षण है —- सुशील शर्मा

प्रकृति का संरक्षण स्वयं के अस्तित्व का संरक्षण है सुशील शर्मा पृथ्वी के प्राकृतिक संसाधनों में हवा, पानी, मिट्टी, खनिज, ईंधन, पौधे और जानवर शामिल हैं। इन संसाधनों की देखभाल करना और इनका सीमित  उपयोग  करना ही प्रकृति का संरक्षण Read More …

हिंन्दी का स्थान—-प्रभा पारीक

हिंन्दी का स्थान विश्व हिंन्दी दिवस:सरकारी संम्मेलनों में हमदर्दी लेने के बजाय हिंन्दी की समृद्धि पर करें काम। हिंन्दी के उद्धार के नाम पर हमें इसका तमाशा नहीं बनाना चाहिय,े सरकार और जो लेखक हिंन्दी के लिये जो रोना घोना Read More …

लगता है सामने हो और मुस्कुरा रहे हो.—Aakash Wani

April 2 जाने क्यूँ आज रह रह के याद आ रहे हो.., लगता है सामने हो और मुस्कुरा रहे हो..! चुप्पी सी छायी है होठों पर जाने क्यूँ.., खामोश नज़रों से क्यूँ दिल जला रहे हो..! मौसम चल पड़ा है Read More …

बचपन में एक पार्क में जाते थे झूला झूलने–.विपुल त्रिपाठी

Vipul Tripathi March 7 बचपन में एक पार्क में जाते थे झूला झूलने सबसे मजेदार झूला फिसल पट्टी लगता था एक बार किसी तरह चढ़ जाओ बिना गिरे फिसल अपने आप ही जाओगे बुरी तरह चाहे बीच में कितना भी Read More …

यहाँ अकबर ने जमलू देवता से मांगी थी माफ़ी–(साई फीचर्स)

यहाँ अकबर ने जमलू देवता से मांगी थी माफ़ी मलाणा के लोग मानते है खुद को सिकंदर के सैनिकों का वंशज, यहाँ नहीं चलते भारतीय कानूनहिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के अति दुर्गम इलाके में स्तिथ है मलाणा गाँव। इसे Read More …