दो पेट के सनीचर -नाटक —dharmendra mishra

दो पेट के सनीचर -नाटक   1- मार्च  का  समय था  ठण्ड  बहुत  तो  नहीं  फिर  भी  सुबह  एक  सूटर–जर्सी  भर  का  जाड़ा  तो  था  ही.  राम  भरोसे  तिवारी   एक  फुल   आस्तीन  की  बनियान  निचे  एक  गमछा  लपेटे  सुबह  -सुबह Read More …

अहिंसा सत्य और करुणा के देश में–Sukhmangal Singh

१-अहिंसा सत्य और करुणा के देश में ,     जन्मे गांधी ,सुभाष ,विवेकानंद भेष में | २- आस्तीन के सांप हजारों घर के अंदर ,    भीतर- बाहर झाँक रहे हैं लंगूर बन्दर | ३- गर जब कभी काशी Read More …

दोहे बन गए दीप -9, ठण्ड —Sushil Sharma

दोहे बन गए दीप -9 ठण्ड सूरज मद्दिम सा हुआ ,मौसम सिसकी लेय। कुहरा नाचे मोर सा ,ठण्ड ठहाका देय। मौसम ठिठुरा ठण्ड में ,चला रजाई ओढ़। सूरज अस्ताचल छुपा ,ठण्ड पड़ी मुहतोड़। गरम पकोड़े तल रही ,बीबी मन मुस्काय। Read More …

रोहिग्या आतंकवादी बात सही है !—Sukhmangal Singh

क्षणीकाएं १- रोहिग्या आतंकवादी बात सही है ! इसमें गलत बात एक रत्ती भी नहीं है | जितनी जल्दी हो सके उनको भगाइये , इनके लिए दयावादिता नहीं दिखाइये || २- “सदाचार “ आपके ही गीत गुनगुनाते रहें हम सदा Read More …

“इस नये साल में” दोहे और मुक्तक (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)

रविवार, 31 दिसंबर 2017 “इस नये साल में” दोहे और मुक्तक (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’) — आप हर्षित रहें, इस नये साल में खूब चर्चित रहें, इस नये साल में राष्ट्र उत्कर्ष के यज्ञ में रात दिन आप अर्पित रहें, इस Read More …

नव वर्ष आपको मुबारक हो —भारती दास

आँखों में भर के सब सपने सांसों में भर स्पंदन अपने जैसे हँसे ये प्रात सुनहरी वैसे ही ख़ुशी हों पथ में पसरी ईश करे मेरी कामना सच हो नव वर्ष आपको मुबारक हो . Happy New Year 2018 सादर Read More …

सजगता से करें आत्म रक्षा— प्रभा पारीक

सजगता से करें आत्म रक्षा महिलाओं को दिन भर में कामकाज के लिये अनेक बार निकलना जरूरी हो जाता हैं एैसे में दफतर से आते समय हादसा, कैब से घर लौटते समय छेडखानी या अन्य छेडखानी आदी की बातंे वारदात Read More …