आसमान—Anil Sharma

Anil Sharma Wed, Mar 13, 1:04 PM (1 day ago) आसमान————मैने पूर्ण निष्ठा से तुमको अपना आसमान समझातुम अपनी धरती का दर्जा भी न दे सके मुझेमुझे मिट्टी समझ खेलते रहेऔर उस मिट्टी से मैं गढ़ती रही खिलौनेअपनी कोख के साँचे Read More …

“मंगलगीत गवाई “–Sukhmangal Singh

Inbox x Sukhmangal Singh 9:28 AM (9 hours ago) to me “मंगलगीत गवाई “जालिम सर चढ़ बोल रहा है बंदूकों के साये में वन्देमातरम में कब तक हम  कौम को जगायेंगे | नरमुण्ड माला वाली माँ, कितना उसे दिखाएँगेखून के प्यासे कातिल भरमाते Read More …

श्रीमद्भागवत महापुराण से—सुखमंगल सिंह

प्रकाशनार्थ – श्रीमद्भागवत महापुराण से Inbox x Sukhmangal Singh 7:19 AM (3 hours ago) to me श्रीमद्भागवत महापुराण से   – श्रीमद्भागवत महा पुराण श्लोक १३ पृष्ठ १७४ अंक १ तृतीय स्कन्द ” दुष्ट को कैसे त्यागें”श्लोक २३ पृष्ठ १६६  अंक ८ Read More …

मुझे लखनऊ मेडिकल कॉलेज जाना है–अनुराग ‘अतुल

अनुराग ‘अतुल’ 18 hrs · आज सुबह 9 बजे सीतापुर से लखनऊ का सफ़र , तेज सर्द हवाएँ, बारिश के पूरे आसार। मैं बस की लगभग आखिरी सीट पर बैठा हुआ हूँ ,मुझे लखनऊ मेडिकल कॉलेज जाना है। फेसबुक खोलकर Read More …

अति हर्षित हो कर चले , सब बारिश में स्कूल –डा प्रवीण कुमार श्रीवास्तव

Praveen Kumar 7:21 PM (28 minutes ago) अति हर्षित हो कर चले , सब बारिश में स्कूल ,  टीचर बच्चे सब कह रहे , मौसम है प्रतिकूल । मौसम है प्रतिकूल , सभी वाहन अब गायब , कैसे जायें स्कूल Read More …

कभी किस्से में मिलती है—अमरेश सिंह भदोरिया

Amresh Singh 1:45 PM (21 hours ago) to me कभी किस्से में मिलती है कभी मिलती  कहानी में। सुखद अहसास-सी है वो महकती   रातरानी     में। करुँ तारीफ़  भी  कितनी भला उसके हुनर  की  मैं, एक मुस्कान से अपनी वो वह लगाती आग Read More …