कभी किस्से में मिलती है—अमरेश सिंह भदोरिया

Amresh Singh 1:45 PM (21 hours ago) to me कभी किस्से में मिलती है कभी मिलती  कहानी में। सुखद अहसास-सी है वो महकती   रातरानी     में। करुँ तारीफ़  भी  कितनी भला उसके हुनर  की  मैं, एक मुस्कान से अपनी वो वह लगाती आग Read More …

प्यार का रंग दिल पे चढा इस क़दर — विनोद निर्भय

Vinod ‘Nirbhay’ , Gorakhpur 10:14 PM (14 hours ago) to me प्यार का रंग दिल पे चढा इस क़दर हर कहीं  आ  रही है मुझे वो नज़र आजकल दिन गुज़रता नहीं है मेरा, नींद   आती  नहीं  है  मुझे  रातभर   Read More …

नशे पर क्षणिकाएं (आज तम्बाखू निषेध दिवस है) —-सुशील शर्मा

Sushil Sharma May 31 (6 days ago) to me नशे पर क्षणिकाएं (आज तम्बाखू निषेध दिवस है) सुशील शर्मा तम्बाखू ने अपना रंग दिखाया केंसर को उकसाया पूरा गला कट गया जीते जी रामू को मरवाया। सिगरेट के दो कश Read More …

नशे पर क्षणिकाएं (आज तम्बाखू निषेध दिवस है) —-सुशील शर्मा

Sushil Sharma May 31 (1 day ago) to me नशे पर क्षणिकाएं (आज तम्बाखू निषेध दिवस है) सुशील शर्मा तम्बाखू ने अपना रंग दिखाया केंसर को उकसाया पूरा गला कट गया जीते जी रामू को मरवाया। सिगरेट के दो कश Read More …

नशे पर क्षणिकाएं (आज तम्बाखू निषेध दिवस है)—सुशील शर्मा

Sushil Sharma 5:25 PM (2 hours ago) to me नशे पर क्षणिकाएं (आज तम्बाखू निषेध दिवस है) सुशील शर्मा तम्बाखू ने अपना रंग दिखाया केंसर को उकसाया पूरा गला कट गया जीते जी रामू को मरवाया। सिगरेट के दो कश Read More …

दो पेट के सनीचर -नाटक —dharmendra mishra

दो पेट के सनीचर -नाटक   1- मार्च  का  समय था  ठण्ड  बहुत  तो  नहीं  फिर  भी  सुबह  एक  सूटर–जर्सी  भर  का  जाड़ा  तो  था  ही.  राम  भरोसे  तिवारी   एक  फुल   आस्तीन  की  बनियान  निचे  एक  गमछा  लपेटे  सुबह  -सुबह Read More …