बेजार मोहब्बत है ,तसब्बुर -ऐ—धर्मेन्द्र मिश्र

Sher- 1-बेजार मोहब्बत है ,तसब्बुर -ऐ -अहसास में ही जीने दे . ऐ खुदा हकीकत से रूबरू न करा ,वहम में ही जीने दे. 2- जिंदगी एक तमाशा है ये तमाशा रोज देखता हूँ . फिरभी न जाने क्यों कल Read More …

तुम्हे अमीरी का गुमान—धर्मेन्द्र मिश्र

6-तुम्हे अमीरी का गुमान, तो तुम चलो सीना तान. जो मिला मुझे  मैं तो, सब से करू दुआ -सलाम . 7-तुम अपने रस्ते चलो मैं अपने रस्ते चलूँ , कब तक तुझे याद कर के जीता रहूँगा , कब तक Read More …

मुझे तू हासिल नहीं कोई बात नहीं—धर्मेन्द्र मिश्र

1-मुझे तू हासिल नहीं कोई बात नहीं. मगर मुझे यूँ न चिढ़ाया  कर जो बात मुझे गवारा नहीं वो बात सरे आम न कहा कर.   2-मुस्तकिल नहीं मेरी जिंदगी, सर्ब-ओ-रोज तुझे याद करता हूँ . तू न सही तेरे Read More …