झांकता चाँद -एक प्रतिबिम्ब सुनहरे कल का (पुस्तक समीक्षा) सुशील कुमार शर्मा

झांकता चाँद -एक प्रतिबिम्ब सुनहरे कल का पुस्तक समीक्षा सुशील कुमार शर्मा हाइकु संग्रह की समीक्षा कठिन नहीं तो बहुत आसान भी नहीं है। प्रदीप कुमार दाश “दीपक” के संपादन में पिछले माह यह हाइकु संग्रह “झाँकता चाँद “प्रकाशित हुआ Read More …

समीक्षा -प्रकृति की गोद में–डा, सुरेन्द्र वर्मा

समीक्षा रकृति के संग एकांत मन डा, सुरेन्द्र वर्मा प्रदीप कुमार डास ‘दीपक’ एक युवा हाइकुकार हैं | वे अपना एकांत जब प्रकृति के साथ बिताते हैं तो उनकी रचनात्मक ऊर्जा हाइकु लिखने के लिए उन्हें मानों बाध्य करती है- Read More …

विश्वचि माझे घर—- प्राचार्य श्रीधर हेरवाडे, कोल्हापूर

पुस्तक परिचय   विश्वचि माझे घर म्हणजेच ब्रम्‍हविलासांचा प्रासादिक शब्‍दविलास   श्री. ब्रम्‍हविलास पाटील (जयसिंगपूर) यांनी, ज्‍योतिषशास्‍त्राचा अभ्‍यास चांगला केला आहे. याबरोबरच धर्मज्ञानाचेही सम्‍यग्ज्ञान त्‍यांना आहे. या दोन्ही शास्‍त्रासंबंधी त्‍यांनी आपल्‍या ‘विश्वचि माझे घर’’, या पुस्‍तकाविषयी सुयोग्‍य लेखन केले आहे. Read More …