*युद्ध नही अब रण होगा* (एक आक्रोश) सुशील शर्मा

*युद्ध नही अब रण होगा* (एक आक्रोश) सुशील शर्मा अब इंतजार नही होगा अब तो होगा समर महान। भारत के शीशों के बदले  पाक बनेगा कब्रिस्तान। हम से जन्मा हमसे पनपा हम को ही आंख दिखाता है। चोरी से छुपकर Read More …

छोड़कर जब मुझे जाओगे —संदीप अलबेला

Sandeep Kumar Albela April 1 मेरी नज़रो से नज़रे मिला कर कहो मेरे सर की कसम जरा खा कर कहो हो के मुझसे जुदा कैसे रह पाओगे . छोड़कर जब मुझे जाओगे -2 याद मेरी तुम्हें क्या नहीं आयेगी? कसक Read More …

क्यों डरता हूँ तन्हाई से, यहाँ कोई भी नही–Blogger

क्यों डरता हूँ तन्हाई से, यहाँ कोई भी नही खोजता हूँ खुदा को सहारे के लिए, यहाँ तो वो भी नही तन्हाई से घबरा कर बाहर निकल जाता हूँ बाहर भीड़ से घबरा कर तन्हाई में आ जाता हूँ तन्हा Read More …

मेरा मन कब जोड़ोगे–सुशील शर्मा

तुमसे सीखे तौर तरीके क्या तुम मेरे सीखोगे हर पल मुझसे जीतते आये अब और कितना जीतोगे। अपने छोड़े सपने छोड़े तुमको अपना माना है हर सपने का समझौता कर हाथ तुम्हारा थामा है। *मैं औरत हूं*की सीखें देना तुम Read More …

प्रेम की अंतिम व्याख्या — सुशील शर्मा

प्रेम की अंतिम व्याख्या सुशील शर्मा मीरा का प्रेम प्रेम की अंतिम व्याख्या है। कृष्ण से शुरू कृष्ण पर समाप्त। मीरा के प्रेम में मीरा कहीं नही हैं सिर्फ कृष्ण ही कृष्ण दृष्टव्य हैं। मीरा के पास प्रेम में देने Read More …

इक मेरे चाहने से क्या होगा— -गौरव शुक्ल

इक मेरे चाहने से क्या होगा, तुम भी तो हौसला दिखाओ कुछ। राज मैंने तो हर उगल डाला, प्यार अब तुम भी तो जताओ कुछ। कुंडली मारकर न यूँ बैठो, प्यार करते हो तो इजहार करो डाल आँखों में आँख Read More …

अखबार आया अखबार आया–Manmohan Bhatia (Blogger)

अखबार आया अखबार आया ख़बरों का पिटारा लाया गूगल राजा के युग में अखबार अभी भी बादशाह इंटरनेट की आंधी में अखबार पीपल बना जमा हुआ है सब के लिए मनपसन्द खबरे बूढों, बच्चों और युवाओं की पसंद सुबह बागों Read More …