पंचभूत का मिश्रण यह जीवन–डॉ० श्रीमती तारा सिंह

पंचभूत का मिश्रण यह जीवन–डॉ० श्रीमती तारा सिंह   झंझा    प्रवाह    से      निकला      यह      जीवन पंचभूत       का         है         भैरव        मिश्रण इसमें    नहीं  है  सुख  का एक  भी  कण तभी तो मानव को तुच्छ लगता यह भुवन पलकों के दल को Read More …

वह ओपहीन तो था ,भावरहित नहीं –डॉ० श्रीमती तारा सिंह

वह ओपहीन तो था ,भावरहित नहीं था जिसकी किलक मेरे  कानों में ,दिवा– रात्री रहती थी भरी जिसे  मैं  बाँहों में उठाकर , उर से  लगा रखता  था संभाल जिसका ध्यान मैं उन्निद्र पलों में भी रखता था संजोकर उसकी Read More …

बीत जायेंगे जीवन के बचे-खुचे दिन चार–डॉ० श्रीमती तारा सिंह

  बीत जायेंगे जीवन के बचे – खुचे दिन चार   कभी जॊ कहता था, माँ तुम जो मेरे पास नहीं होती हो, तो रात हो जाती पहाड़ तुम्हीं मेरी बैत-उल्‍-हरम हो, जमाने में तुम-सी नहीं कोई दूसरी, रू-दादे-नशात माँ Read More …

हिन्द है वतन हमारा, हम हिन्द के पुजारी–डॉ० श्रीमती तारा सिंह

             हिन्द है वतन हमारा, हम हिन्द के पुजारी हिन्द है वतन हमारा, हम हैं हिन्द के पुजारी जागें   तो , हिन्द  के  आनन   में  जागें सोयें   तो  हिन्द  की  नीव   तले   सोयें हिला  सके न  इसके, विटप  डाल को Read More …

*भगवान या शैतान* —-सुशील शर्मा

*भगवान या शैतान* सुशील शर्मा तुमने पहले मुझे भगवान का दर्जा दिया खूब पूजा बहुत माना फिर मन भर गया तो  मुझे इंसान भी न रहने दिया। सीधा शैतान का तमगा टांग दिया मेरे गले में मेरे चेहरे पर लटके Read More …

चुनाव —घमासान !!!!—विश्वनाथ शिरढोणकर

Vishwanath Shirdhonkar September 24, 2014 · Indore · चुनाव / निवडणूक विशेष —————————- घमासान !!!! ————- कोई हवा का झोंका है या कोई आंधी तूफान खामोश है हर कोई अंदर मचा घमासान !! अंदर मचा घमासान कल इधर था आज Read More …

आज फिर बारिश हुई, बिखरा दिए क्या—-गौरव शुक्ल मन्योरा

आज फिर बारिश हुई, बिखरा दिए क्या केश तुमने?                            (1) फिर सुबह से ही घटाओं ने   घुमड़ आकाश  घेरा, छिप गया सूरज, धरा पर    छा Read More …

*त्वं शरणं मम* —-सुशील शर्मा

*त्वं शरणं मम* सुशील शर्मा मन अंदर है गहन अंधेरा। चारों ओर दुखों का घेरा। जीवन की पथरीली राहें। तेरे चरण हैं मृदुल सबेरा। हे शैलपुत्री त्वं चरणं मम। हे हिमपुत्री त्वं शरणं मम। जन्म जन्म की यात्रा पर हूँ। Read More …