नाम रोशन करेगी बेटी•••राज स्वामी (राजेश)

Raj ki Gazal 5:36 PM (1 hour ago) to me नाम रोशन करेगी बेटी•••रेखा ने जैसे ही खबर सुनाई,मानो आसमान फट गया ।और घर में सुनामी कहर बरपाने आ रही हो ।सब मौन खड़े ये जानने को उत्सुक है कि Read More …

संतान सुख– डॉ. श्रीमती तारा सिंह

संतान सुख– डॉ. श्रीमती तारा सिंह                रामदास और उसकी पत्नी, मैना दोनों ही 60 के ऊपर हो चले थे ,मगर चमड़ी पर झुर्रियाँ अभी तक नहीं आई थीं, न ही बिच्छू के डंक की तरह दीखनेवाली रामदास की मूँछें Read More …

सुगनी का गौना– डॉ. श्रीमती तारा सिंह

सुगनी का गौना– डॉ. श्रीमती तारा सिंह              फ़ुलका गाँव के मृत सिद्देश्वर राय की एक बेटी थी, नाम था ,’सुगनी’ । उसकी शादी उन्होंने अपने जीवनकाल में ही ,मुरैया गाँव के मुखिया के बेटे के साथ दे दिया था Read More …

दादी का स्वर्ग–डॉ. श्रीमती तारा सिंह

दादी का स्वर्ग— डॉ. श्रीमती तारा सिंह              दिन-रात दादी के आँचल से लिपटा रहनेवाला ’सोनू’ आज स्कूल से आकर चुपचाप अपने कमरे में जा बैठ गया । सोनू के इस व्यवहार से दादी डर गई । वह उसके पास Read More …

लघुकथा: एवमस्तु कैसे हो चुन्नीलाल–डां. नन्द लाल भारती

Nandlal Bharati Sun, Mar 10, 10:57 AM (1 day ago) लघुकथा: एवमस्तुकैसे हो चुन्नीलाल रघुनंदन जी पूछे ….. ?बस जीवित लाश ढो रहा हूँ ।चुन्नीलाल क्या कह रहे हो कैसी लाश…. ….?खुद की लाश मृत अरमानों की लाश ।क्यों दर्द Read More …

सकारात्मक सोच के सिपाही… डां नन्द लाल भारती

Inbox x लघुकथा:  सकारात्मक सोच के सिपाही:  ताप्तीगंगा ट्रेन के पहिये छिवंकी(प्रयागराज यानि इलाहाबाद)स्टेशन पर पूरी तरह थमे भी न थे कि इसी बीच आतातायी किस्म की महिला पैसेंजर खलनायक की तरह प्रवेश की  और  मि. एण्ड मिसेज प्रसाद पर Read More …

“झुमके वाली:-बेजुबां मोहब्बत-ए-दास्ताँ”—शिवांकित तिवारी “शिवा”

x Shivankit Tiwari 1:25 AM (8 hours ago) to sahitya, Vartman, Awam, charanjit.ahuja, editor, naveen, bhopalstar100, betsamachar, matru, bhavna, nano.jabalpur, Kavi, Karm, The, Vimal, times.vdt, Divya, mandev, devpath2018, Dainik, Daily, UTTARANCHAL, Dainik, Umesh, National, nti, Fast, feature, अजय, Hum, Pratilipi, Read More …

मुझे काकी की याद आई—Vishwanath Shirdhonkar‎

Vishwanath Shirdhonkar‎ to Swarg Vibha -मुझे काकी की याद आई । याद आया कि ग्वालियर में एक बार किसी विषय के निकलने पर काकी ने नानाजी से कहा था , ‘ दामादजी , ऐसे हार मान कर मत बैठो । जुआ न Read More …

गर्व —– डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी

Chandresh Chhatlani 6:45 PM (47 minutes ago) गर्व पूरे देश की जनता के रक्त में उबाल आ रहा था। एक आतंकवादी ने 200 किलोग्राम विस्फोटक एक कार में रखकर सेना के जवानों से भरी बस से वह कार टकरा दी Read More …

पंतजी को संगीत और साहित्य का शौक–Vishwanath Shirdhonkar‎

· -पंतजी को संगीत और साहित्य का बड़ा शौक था । कुछ वर्ष पहिले तक उनकी बैठक की शोभा हुआ करता था यह ग्रामोफोन । साहित्यकारों और कवियों की महफ़िल भी बैठकों में हमेशा सजी रहती । मराठी के प्रसिद्ध Read More …