दिल-ए-नादां—तुषार राज रस्तोगी

Tamashaezindagi September 4, 2016 दिल-ए-नादां ———————————————————— दिल-ए-नादां देखता जा, ज़रा रुक तो सही अभी इश्क़ होगा आबाद, ज़रा रुक तो सही मजनू, महिवाल, फरहाद, सारे मरीज़-ए-इश्क़ आज होंगे सब कामयाब, ज़रा रुक तो सही सजेगी डोली, महफ़िल-ए-हुस्न कद्रदां होंगे ले Read More …

हो ग़ई हमसे खफा जिदंगी—Hindustani Hindu

हो ग़ई हमसे खफा जिदंगी,,, अब न दिखालायेगी वफा जिदंगी,,,, कभी मिले तो पूछेगी क्यो किया ऐसा,,,, देगी और दगा कितनी तफा जिदंगी,,, मौत को आना है तय है वो आयेगी कब छोड दे क्या जाने बेवफा जिदंगी