सौ सालों में छोड़नी होगी पृथ्वी: स्टीवन हॉकिंग (मोदस्सिर कादरी)

सौ सालों में छोड़नी होगी पृथ्वी: स्टीवन हॉकिंग (मोदस्सिर कादरी) नई दिल्‍ली (साई)। मशहूर भौतिकशास्त्री स्टीवन हॉकिंग ने दावा किया है कि पृथ्वी और मानवता के लिए समय तेजी खत्म हो रहा है। एक समाचार एजेंसी की शुरू होने जा Read More …

सिर को ठक कर रखना बंधन अथवा मात्र प्रथा नहीं हैं–पभा पारीक

सिर को ठक कर रखना बंधन अथवा मात्र प्रथा नहीं हैं। पूजा करते समय सर क्यों ढंका जाता हैं सभी धर्मों की स्त्री पुरूष मुकुट दुपटटा साडी स्कार्फ टोपी हैट सांफा आदि से अपना सर पूजा ग्रह अथवा पूजा के Read More …

योग्यता को नकारने की साजिश —घनश्याम भारतीय

योग्यता को नकारने की साजिश घनश्याम भारतीय सदियों से दबे-कुचले समाज के उद्धारक बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर का जन्म दिवस पूरे देश में जिस उत्साह के साथ मनाया गया उससे समाज में एक नया संदेश गया है। अंबेडकर जयंती Read More …

अब बात कायापलट की—Anuj Agarwal

April 28, 2017 by Anuj Agarwal अब बात कायापलट की लो अब दिल्ली भी मोदीमय हो गयी। उड़ीसा, बंगाल, कर्नाटक और हिमाचल के बारे में भी राजनीतिक बिशलेषको के यही अनुमान हें कि यहाँ भी भगवा लहर आनी ही है। तमिलनाडु, Read More …

हमारे संत, कबीर—प्रभा पारीक

हमारे संत, कबीर बात उस समय की है जब कबीर आयु में छोटे थे और परमात्मा की खोज में भटकते फिरते थे एक दिन उन्हे रास्ते में एक किनारे पर एक स्त्री दिखाई दी जो चक्की से अनाज पीस रही Read More …

साहित्य समाज का कैसा दर्पण हो —सुशील शर्मा

साहित्य समाज का  कैसा दर्पण हो सुशील शर्मा साहित्य समाज की चित्तवृत्ति का संचित प्रतिबिंब है। -आचार्य रामचंद्र शुक्ल साहित्य ज्ञानराशि का संचित कोश है। – आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी साहित्य संस्कृत के ’सहित’ शब्द से बना है. संस्कृत के Read More …

महाराणा प्रताप राष्ट्रीय स्मारक व मूल हल्दीघाटी की नहीं परवाह– Kamal Paliwal

महाराणा प्रताप राष्ट्रीय स्मारक व मूल हल्दीघाटी की नहीं परवाह – निजी व्यापार को बढ़ावा – सरकारी फण्ड का बेजा इस्तेमाल !! खमनोर। स्थानीय क्षेत्र विकास योजनान्तर्गत नाथद्वारा विधायक की अनुशंषा पर  ग्राम पंचायत उनवास के ग्राम बलीचा में प्रताप Read More …

ये कैसी आस्था?— श्रीमती प्रभा पारीक

ये कैसी आस्था? आस्था के नाम पर नदियों में सिक्के डाल कर नदियों को प्रदुषित न करें। हमारे देश मे रोजाना न जाने कितनी रेल गाड़ियां रोज न जाने कितनी नदियो को पार करती है। इन छोटी बड़ी सभी ,महत्व Read More …