लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के अवसर पर – डा.प्रवीण कुमार श्रीवास्तव

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Praveen Kumar Thu, Oct 3, 8:49 PM (20 hours ago)
to me

हे भारत मां के अमर  पूत
, हे भारत माँ के अमर पूत

हे  स्वाभिमान  के अमर दूत ।

गौरवशाली मस्तक धारे,

भारत रण में कर रहा कूच ।

कल की गलतियां भुलाने को ,

नवसृजन शांति फैलाने को ।

है लाल बहादुर नमन तुम्हें, 

दुश्मन को रण में सुलाने को।
कवि डा.प्रवीण कुमार श्रीवास्तव

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