बीमारी–NAJMUN NAVI KHAN

बीमारी

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NAJMUN NAVI KHAN 3:20 PM (3 hours ago)
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बीमारी नाम सुनते ही मस्तिष्क में आता है दर्द और तमाम तरह के नकारात्मकता भरे भाव आज जब में खुद इससे पीड़ित हूँ तो जब अध्ययन किया तो पाया कि बीमारी में की सकारात्मकता भी होती है जैसे बीमारी में जब इंसान कष्ट में होता है तो ईश्वर के ज्यादा नजदीक होता है वो ईश को सुख भरे दिनों से कई गुना ज्यादा याद कर रहा होता है, उससे दुआओ का सिलसिला कायम रखता है तमाम बुराइयों से दूर रहता है और आगे के लिए संकल्प लेता है ये बात और है कि सुख में वापस लौटने पर कितने प्रण पूरे करता है ? ये तो कुछ आध्यातिमक पहलू थेअब मानवीय पहलू पर आते है तो आपको पता चलता है कौन आपका सच्चा सुभचिन्तक है जो आपके लिए समय निकालता है यही पर असली अमीरी (मानवीयता ) का पता चलता है आपको अपने बीच के प्रेरक लोगो का पता चलता है जो आपको तमाम सकारात्मक उदाहरणों और हँसी मजाक के माध्यम से आपका दर्द दूर करने का प्रयत्न करते है ऐसे लोगो का भी जो आपको समय देकर आपका हॉस्पिटल का अकेलापन दूर करते है अकेला इंसान से गरीब और अकेलापन से बड़ा कोई अभिशाप नहीं है दोस्त जो खुद आर्थिक संकट में हो लेकिन आपको आर्थिक मदद की पेशकश करता है ऐसा जज्बा देश से सेल्यूट करने वाला होता है आपके दोस्त ही आपके असली रिश्तेदार का कर्तव्यवाहन करते है रिश्तेदार ज्यादातर सब बीत जाने के बाद ही आते है जब आप घर से दूर बाहरी शहरो में रहते है तो दोस्त ही आपके सच्चे खैरख्वाह है याद रखिये दोस्त बनाते रहे और दोस्ती निभाते रहे |

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