मुखौटा–Anupama Thakur

मुखौटा

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Anupama Thakur Mon, Jul 29, 10:36 PM (16 hours ago)
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———- Forwarded message ———
From: Anupama Thakur <thakur.anupama53@gmail.com>
Date: Wed, 24 Jul 2019, 15:08
Subject: मुखौटा
To: Anupama Thakur <thakur.anupama53@gmail.com>

हंसना और हंसाना
खुश रहना और
खुशियां फैलाना
सबको नहीं आता है
गम को गले से लगाना
और गमगीन बने रहना
मुंह पर मायूसी का
मुखौटा चढ़ाए रखना
सबको नहीं आता है
जिंदगी को संजीदगी से लेना
और संजीदा बने रहना
सब को नहीं आता है
काम करने का मतलब
सिर्फ और सिर्फ
संजीदा हो जीना
ऐसा सोचना
सबको नहीं आता है
चेहरे पर हमेशा
भोली- भाली मुस्कान रख
औरों की कश्तियां डुबोना
सबको नहीं आता है
मुंह से मीठा रह कर
औरों की जज्बातों से खेलना
सबको नहीं आता है
दिल में गलतफहमियां रखकर
चेहरे पर झूठी मुस्कान लाना
सबको नहीं आता है
हर बात में चमचागिरी कर
बिना काबिलियत के ही
तरक्की करना
सबको नहीं आता है
औरों को जोड़ने के लिए
खुद बिखर जाना
सबको नहीं आता है
दिमाग में कुछ
और दिल में कुछ रख
प्यार जताना
सबको नहीं आता है

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