हे देश रत्न ! अब्दुल कलाम !–अनुराग ‘अतुल’

अनुराग ‘अतुल’July 27 ·  #काव्य_श्रद्धांजलि 🙏🇮🇳

हे देश रत्न ! अब्दुल कलाम !
तुमको प्रणाम ! तुमको सलाम !

जन्मे अत्यन्त गरीबी में ,
फिर भी संघर्ष रखा जारी…
अखबार बांटकर भी तुमने
जीवन की ऊंचाई पा ली….

प्रारब्ध बन्धनों को उजाड़ ,
पुरुषारथ का कर गये घोष…
तुम जीवन भर नव युवकों में
भरते ही आये नया जोश …

बन करके राष्ट्रपती भी तुम
बच्चों के जैसे सरल रहे ….
लोहे से सुदृढ ठोस होकर
भी पानी जैसे तरल रहे…

भगवान खुदा दोनों का ही
तुमने समान सम्मान किया…
बन मानवता का प्रखर सूर्य
भारत में नवल विहान किया…

तकनीकी आविष्कारों से
बन गये मिसाइल मैन आप…
रक्षा में निर्भर आत्म हुआ
यह देश, भगा सब कुसंताप…

अपना जीवन अर्पित करके
तुमने विशिष्ट कुछ शोध किये…
है देश तुम्हारा कर्जदार
जिसके हित तुम जिन्दगी जिये..

तुम छोड़ भोग का पतित मार्ग
अपनाये थे त्यागी सुपन्थ ….
अब छोड़ धरा कर शून्य लोक ,
पा गये गगन का शुचि अनन्त…

तुम युग दृष्टा , तुम क्रांति दूत ,
तुम मानवता के दृढ नायक….
तुम वैग्यानिक , साहित्यकार ,
हिन्दोस्थान के उन्नायक ….

तुम सत्यव्रती अरु कर्मवीर ,
तुम जन सेवा के केंद्र बिंदु …
तुम उस गुलाब की सौरभ हो
जिससे सुरभित संपूर्ण हिंदु…

मैंने यह श्रद्धांजलि लिक्खी ,
अन्तर ही अन्तर में रोकर …
है दुखी समूचा देश आज ,
अब्दुल कलाम तुमको खोकर…
अनन्त नमन…🙏
🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳
अनुराग ‘अतुल’
(27 जुलाई, 2015)

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