हमें न मालूम है—राजीव डोगरा

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Rajiv Dogra 1:18 PM (3 hours ago)
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हमें न मालूम है
न मालूम करना चाहते हैं।
हमें  इश्क था
हमें  इश्क है,
और इश्क ही
बस करना चाहते हैं।
न जीवन का
ठिकाना पता है,
न मृत्यु का 
अट्हास का सुना है।
हर घड़ी,हर पल
उल्हास में जीवन 
जिया है।
जी रहे हैं 
और बस जीना चाहते हैं।
न दुख की अनुभूतियों में
ग़म किया।
न सुख की अनुभूतियों में
उल्लास किया।
मदमस्त जीवन जिया
और जी रहे हैं 
और जीते रहेंगे।
राजीव डोगरा
कांगड़ा हिमाचल प्रदेश (युवा कवि लेखक)
(भाषा अध्यापक)
गवर्नमेंट हाई स्कूल,ठाकुरद्वारा।
पिन कोड 176029
Rajivdogra1@gmail.com
9876777233

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