घनघोर घटा छायें –डा. प्रवीण कुमार श्रीवास्तव

मुक्तक

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Praveen Kumar Wed, May 8, 5:30 PM (12 hours ago)
to me

घनघोर घटा छायें

तो दुती दामिनी  दमकाये

जब महके केसर क्यारी

सब मंद मंद मुस्कायें

——डा. प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, सीतापुर 

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