थी आज्ञा रघुनंदन की–विनोद ‘निर्भय

विनोद ‘निर्भय’March 12 ·  थी आज्ञा रघुनंदन की , तो बानर दल का था आह्वान
सीता जी का पता लगाने सागर पार गये हनुमान

किले बीच दैत्यों का डेरा,
थी यौवन पर रात घनेरी|
मिले सर्जिकल करने को तो
हनुमत कब करते हैं देरी?

बाग-बगीचे , महल – अटारी हुए राख , रावण हैरान
सीता जी का पता लगाने सागर पार गये हनुमान

जलधि कूद लंका तक ख़ुद तो
बानर आ न पाएंगे|
मुझको दबी ज़ुबां से झूठा
कह के हँसी उड़ाएंगे||

पूँछ बुझाते आया मन में सागर तट पे यह संज्ञान
सीता जी का पता लगाने सागर पार गये हनुमान

सागर तट से वापस पहुँचे
जनक नन्दिनी जी के पास|
चूड़ामणि मांगा विनती कर
उड़े पुन: ऊँचे आकाश||

बिना साक्ष्य देता कब कोई कोरे तथ्यों को सम्मान
सीता जी का पता लगाने सागर पार गये हनुमान

विनोद ‘निर्भय’

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