मैं हूँ कितना अमीर मत पूछो—अनुराग ‘अतुल’

कुछ_शेर 🇮🇳🙏…..

मैं हूँ कितना अमीर मत पूछो,
पास मेरे कोई कमी है क्या!
उसको लगता नहीं है पर देखो,
मेरी आँखों में कुछ नमी है क्या!

मेरे हर ओर रोते जंगल हैं,
पेड़, नदियाँ उदास हैं गुमसुम,
कुछ भी खाने का मन नहीं होता
मेरे दिल में कोई ग़मी है क्या !

मैं हूँ कर्जे में माँ भारत! तेरे
तेरे आँचल में पलने बढ़ने के,
जो तुझे भेद रहे हैं अक्सर
उनकी अपनी कोई ज़मीं है क्या!

इश्क़ करता हूँ इसलिए हँसकर
ज़ान दे सकता हूँ वतन पर मैं
अब भी जो सो रहे हैं देखो तो,
ख़ून उनका हुआ शमी* है क्या!

•••अनुराग ‘अतुल’

*शान्त

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Facebook
Twitter
LinkedIn
INSTAGRAM