‘वोट’ —कश्मीर सिंह

kashmir Thakur 10:33 AM (6 hours ago) कविता              ‘वोट’ देश का चुनावी दौर करता है शोर शामिल होता है हर किस्म का नेता कोई होता है  घिसता पिसता ईमानदार कोई लोमड सा चलाक चोर Read More …

पंतजी को संगीत और साहित्य का शौक–Vishwanath Shirdhonkar‎

· -पंतजी को संगीत और साहित्य का बड़ा शौक था । कुछ वर्ष पहिले तक उनकी बैठक की शोभा हुआ करता था यह ग्रामोफोन । साहित्यकारों और कवियों की महफ़िल भी बैठकों में हमेशा सजी रहती । मराठी के प्रसिद्ध Read More …

तीन दृश्य शहीदों की चिताओं के—सुशील शर्मा

Sushil Sharma 11:56 AM (5 hours ago) तीन  दृश्य शहीदों की चिताओं के सुशील शर्मा 1 आज सबेरे सूरज रोया झर झर आंसू उसके बहते छह माह के बालक ने दी मुखाग्नि अपने शहीद पिता को। 2 शहीदों की चिताओं Read More …

प्राण वायु—सुखमंगल सिंह

प्राण वायु Sukhmangal Singh 2:18 AM (16 hours ago) मातु -पिता धर्म गुरु पावन धरा धरनि के ! प्रकट कृपाला हैं कहते कल्प गर्भ धारण करके | भौतिक जग कहते आया जन्म शिशु लेते रहते नाशवान निश्चित सबके जन्म लिए Read More …

नानाजी —Vishwanath Shirdhonkar

Vishwanath Shirdhonkar‎ to Swarg Vibha मैंने देखा नानाजी के सामने एक आदमी खड़ा था।नानाजी को देखते ही वह भी रुक गया था। उस आदमी ने सडक पर ही नानाजी को झुक कर नमस्कार किया। नानाजी कुछ पल के लिए उसे आश्चर्य के Read More …

शहीदों की याद में कैंडल मार्च—- विनोद ‘निर्भय’

विनोद ‘निर्भय’     कल की मासिक काव्य-गोष्ठी पुलवामा के शहीदों की याद में रखी गयी थी|गोष्ठी के उपरान्त उपस्थिति सभी रचनाकारों ने महाराणा प्रताप चौक तक कैंडल मार्च निकाला| …….. चित्र साभार : राष्ट्रीय सहारा – विनोद ‘निर्भय’

– ‘जन्म तारीख ? ‘—-Vishwanath Shirdhonkar

Vishwanath Shirdhonkar‎ – ‘जन्म तारीख ? ‘ – ‘ पता नहीं .’देवकीनंदन मुनीम सर खुजाते हुए बोले , ‘ पर देश को आजादी मिली थी या मिलने वाली थी उसके बाद ही पैदा हुआ है यह इतना भर मुझे पता Read More …

महाकवि नीरज के महाप्रयाण पर—गौरव शुक्ल मन्योरा

  महाकवि नीरज के महाप्रयाण पर- क्या हुआ दहाड़ मार कर धरती रोई? क्या हुआ ज्योति दिनकर ने असमय खोई? सहसा क्यों हुआ विवर्ण चाँद का आनन? मातम पसरा क्यों सरस्वती के आँगन? क्यों अकस्मात निस्तेज हो गए तारे? किसके Read More …

“सुन पाक अब”—शिवांकित तिवारी “शिवा”

कविता शीर्षक:-“सुन पाक अब” Inbox x Shivankit Tiwari 8:14 PM (43 minutes ago) सुन पाक सभी नापाक तेरे मंसूबों को हम तोड़ेंगे, तन के तेरे अन्दर के लहू का कतरा-कतरा हम सारा निचोड़ेंगे, तू भूल गया जाने कितने भारत ने Read More …