समय( बालगीत) —-शशांक मिश्र भारती

समय

                 शशांक मिश्र भारती

समय का महत्व समझ लो

फिर न लौट कर आएगा

जिसने समय व्यर्थ गॅंवाया

पीछे से वही पछताएगा

सफल न होगा जीवन में

न कार्य  पूर्ण कर पायेगा

समय का पालन कर ही

मंजिल तक पहुच पाते हैं

श्रम लगन और विश्वास से

सुन्दर सपनों को सजाते हैं

कठिन असम्भव से काम भीं

झुक पथ में शीश नवाते हैं।

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