तन्हाई भी रफ़ीक़ है ख़ुद से गुफ्तगू का सिलसिला—-शबाना के. आरिफ़

Shabana K Aarif

3:12 AM (8 hours ago)
to me

तन्हाई भी रफ़ीक़ है ख़ुद से गुफ्तगू का सिलसिला चलता है

शब्-ओ-सहर ख्वाहिशों में खो जाने का सिलसिला चलता है
शबाना के. आरिफ़

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