फायदा — — मँजु शर्मा (हलवारा )

फायदा

                    रविवार को सुबह के आठ ही बजे थे ,देव ने पत्नी को आवाज लगाकर कहा –
         ” अन्नू ! आज मेरे लिए एक पराठा ज्यादा बनाकर ले आओ ” छुट्टी वाले दिन हमेशा देर से उठने वाले देव को आज जल्दी उठा और स्नान कर भोजन की मेज पर बैठ के नाश्ता माँगते देख कर अन्नू सुखद आश्चर्य से पूछने लगी –
         ” हैं आज क्या हो गया , इतनी जल्दी उठ कर नाश्ता माँगने लगे ,कहीं जाना है क्या ? “
         ” हाँ अन्नू पास में ही रक्तदान कैंप लगा है ,मैं वहीं रक्तदान करने जा रहा हूँ । “
         ” अरे ,पागल हो गए हो क्या ? अच्छे भले हो रक्तदान करके बीमार पड़ना है ? “
         ” नहीं पगली रक्तदान करने से कोई बीमार नहीं पड़ता ,बल्कि फायदा ही होता है “
         ” अजीब आदमी हो ,शरीर से खून निकल जायेगा तो कमजोर नहीं होओगे क्या ? फिर कमजोरी से बिमारी नहीं आएगी ? ” अन्नू ने आशंका जतायी तो देव अन्नू को अपने पास बैठा कर प्यार से समझाने लगा –
         ” नहीं अन्नू रक्तदान से कमजोरी नहीं आती, बल्कि रक्तदान करने से तो जहाँ किसी को जीवनदान मिलता है वहीं रक्तदाता को कैंसर व दूसरी बिमारियों के होने का खतरा भी कम हो जाता है, क्योंकि यह शरीर में मौजूद विषैले पदार्थों को बाहर निकालता है  रक्तदान करने के बाद बोनमैरो नए रेड सेल्स बनाता है,और शरीर को नए ब्लड सेल्स मिलने के अलावा तंदुरुस्ती भी मिलती है। जितना रक्त रक्तदान के समय लिया जाता है , उसकी पूर्ती रक्तदाता का शरीर इक्कीस दिन में फिर से बनाके कर लेता है और रक्त का वॉल्यूम तो शरीर में चौबीस से बाह्त्तर घंटे में ही पूरा बन जाता है। मैं तो कहता हूँ तू भी रक्तदान करने चल।”
          ” हूँऊँउ … तुम बस दो मिनट रुको मैं झटपट तैयार हो कर आती हूँ ”  कहती हुई अन्नू अंदर कमरे की ओर जाने लगी तो देव खुश हो कर बोला –

” ओ गुड ,..तगड़ा सा नाश्ता भी कर लेना,तब तक मैं गाड़ी तैयार कर लेता हूँ। “

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Facebook
Twitter
LinkedIn
INSTAGRAM