जानिये देश की सर्वश्रेष्ठ आठ कमांडो फोर्स के बारे में–(साई फीचर्स)

जानिये देश की सर्वश्रेष्ठ आठ कमांडो फोर्स के बारे में

मणिपुर के चंदेल में 2015 में 04 जून को इंडियन आर्मी के 18 जवानों की शहादत का बदला सेना के एलीट कमांडोज ने ले लिया। बॉर्डर पार करके आर्मी के कमांडोज ने स्पेशल सर्जिकल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा किया। इस ऑपरेशन की खास बात है कि सेना ने अपने सबसे ट्रेंड कमांडोज को आतंकियों के खात्मे का जिम्मा सौंपा था। पूरे ऑपरेशन में एक भी कमांडो को खरोंच तक नहीं आयी। आईये आज आपको देश की सर्वश्रेष्ठ आठ कमांडो फोर्सेस के बारे में बताते हैं..

एलीट पैराकमांडोज

इंडियन आर्मी के एलीट पैराकमांडोज ने इंडो – म्यांमार बॉर्डर पर सर्जिकल मिशन को अंजाम दिया। इस यूनिट में कुछ हजार स्पेशल ट्रेन्ड कमांडोज होते हैं। यह कमांडोज पैराशूट रेजिमेंट का हिस्सा हैं। इसमें स्पेशल फोर्सेस की 07 बटालियंस शामिल हैं। इस कमांडो यूनिट का निर्माण भारत और पाकिस्तान के बीच 1965 में हुई जंग के दौरान हुआ था।

इंडियन आर्मी के ट्रेंड कमांडो दुश्मनों को छलने के लिये विशेष ड्रेस का इस्तेमाल करते हैं। इन ड्रेसों का हल्का रंग रेगिस्तान में और गाढ़ा रंग हरियाली के बीच उन्हें छुपने में मदद करता है। कमांडो एक खास झिल्लीदार सूट भी पहनते हैं, जिन्हें किसी वातावरण में छुपने के लिये इस्तेमाल किया जा सकता है। स्पेशल फोर्स पर्पल बैरेट पहनते हैं और इनकी इजराईली टेओर एसॉल्ट राईफल इन्हें पैरामिलिट्री फोर्स से अलग बनाती हैं।

नेशनल सिक्युरिटी गार्ड

एनएसजी देश के सबसे अहम कमांडो फोर्स में एक है जो गृह मंत्रालय के अधीन काम करते हैं। आतंकवादियों की ओर से आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर लड़ने के लिये इन्हें विशेष तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। 26/11 मुंबई हमलों के दौरान एनएसजी की भूमिका को सभी ने सराहा था।

इसके साथ ही वीआईपी सुरक्षा, बम निरोधक और एंटी हाइजैकिंग के लिये इन्हें खासतौर पर इस्तेमाल किया जाता है। इनमें आर्मी के लड़ाके शामिल किये जाते हैं, हालांकि दूसरी फोर्सेस से भी लोग शामिल किये जाते हैं। इनकी फुर्ती और तेजी की वजह से इन्हें ब्लैक कैट भी कहा जाता है।

स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप

स्पेशन प्रोटेक्शन ग्रुप यानी एसपीजी को प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिये खास तौर पर तैयार किया गया है। हालांकि वह अपनी ट्रेडमार्क सफारी सूट में हमेशा दिखते हैं, लेकिन कुछ खास मौकों पर एसपीजी कमांडोज को बंदूकों के साथ काली ड्रेस में भी देखा जाता है। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 1985 में इसे बनाया गया। अब यह कमांडो फोर्स पूर्व प्रधानमंत्री और उनके परिवारों को सुरक्षा प्रदान करती है।

इंडियन नेवी के स्पेशल मरीन कमांडो मार्काेस

इंडियन नेवी के स्पेशल कमांडोज जिन्हें आम नज़रों से बचा कर रखा गया है। मार्काेस को जल, थल और हवा में लड़ने के लिये विशेष ट्रेनिंग दी जाती है। समुद्री मिशन को अंजाम देने के लिये इन्हें महारत है। हाल ही में उन्हें अमरीकी मरीन जैसी ड्रेस में देखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि अभी फ़ाईनल ड्रेस को लेकर एक्सपेरिमेंट चल रहा है। 26/11 हमले में आतंकवादियों से निपटने में इनकी खास भूमिका थी।

एयरफोर्स की गरुड़ कमांडो फोर्स

इंडियन एयरफोर्स ने 2004 में अपने एयर बेस की सुरक्षा के लिये इस फोर्स की स्थापना की। गरुण को युद्ध के दौरान दुश्मन की सीमा के पीछे काम करने के लिये ट्रेंड किया गया है। आर्मी फोर्सेस से अलग ये कमांडो काली टोपी पहनते हैं। हालांकि अब तक इन्होंने कोई भारी लड़ाई नहीं लड़ी है और इन्हें मुख्य तौर पर माओवादियों के खिलाफ मुहिम में शामिल किया जाता रहा है।

सीआरपीएफ की कमांडो फोर्स कोबरा

सीआरपीएफ की कमांडो फोर्स कोबरा कमांडो बटालियन फॉर रिज्योल्यूट एक्शन, नक्सल समस्या से लड़ने के लिये बनायी गयी है। ये दुनिया के बेस्ट पैरामिलिट्री फोर्सेस में से एक है, जिन्हें विशेष गोरिल्ला ट्रेनिंग दी जाती है। दिल्ली में संसद और राष्ट्रपति भवन की सुरक्षा के लिये भी इन्हें तैनात किया गया है।

इंडो तिब्बत बॉर्डर पुलिस

आईटीबीपी के स्पेशल कमांडोज ने मुंबई के 26/11 आतंकी हमले के बाद मुख्य अभियुक्त अजमल कसाब को मुंबई जेल में रखने में अहम भूमिका निभायी थी। दिल्ली की तिहाड़ जेल की निगरानी की कमान भी इन्हीं के हाथों में है। इसके साथ ही ये भारत-चीन सीमा की भी विशेष निगरानी करते हैं।

सीआईएसएफ की कमांडो फोर्स

सीआईएसएफ के कमांडोज को आमतौर पर वीवीआईपी, एयरपोर्ट और इंडस्ट्रियल इलाकों के लिये खास तौर पर तैनात किया जाता है। अंर्तराष्ट्रीय एयरपोटर््स जैसे दिल्ली और मुंबई इन्हीं की निगरानी में सुरक्षित रहते हैं। मुंबई के 26/11 हमले के बाद इनका इस्तेमाल प्राईवेट सेक्टर की सिक्युरिटी के लिये भी होने लगा है। इसका अपना स्पेशल फायर विंग भी है, साथ ही यह फोर्स दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा भी करती है।

(साई फीचर्स)

 

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