भोपाल गैस त्रासदी— chandrashekhar mall

>                        शीर्षक: भोपाल गैस त्रासदी
> सन१९८४ में मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में जहरीली गैस मिथाइल आइसोसाइनेट के रिसाला से हजारों लोगों की मौत हो गई थी
>  उसी पर आधारित………
>
> सहसा घटी,घट के एक घटना
> कापं गयी धरती,रो पड़ा अम्बुज
> वह भूडोल नही,न ही था वो बवण्डर
> वह तो था,मानव का बनाया एक बवण्डर
> जब मौत साक्षात नाच रही थी असहायों के सामने
> तो मनुष्य का यह विज्ञान हो रहा तिरस्कार
> उसकी ही बनाती ये हस्तियां उसको ही कर रही थी बर्बाद
> ना काम कर रहे थे कोई यन्र्त,कोई गैस
> क्यों की यन्र्त और गैस ही इस त्रासदी के कारण बन रहे थे
> रूक जाओ,से मनुष्य!!!!!
> हो जाओ अब सावधान
> हो चुका अब बहुत तुम्हारा अधिकार है
> कह रहे था यम…..
> गदा हाथों में ले, लाशों पर खड़ा होकर
> रोक दो-रोक दो अब विज्ञान
> नही तो यह बन सकती है
> तुम्हारे प़लय का कारण महान

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