चुनाव विशेष // पत्थरों की बारिश //–Vishwanath Shirdhonkar

चुनाव विशेष // पत्थरों की बारिश //

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फिर कोई पत्थर आया

घर के शीशे तड़का गया !!

फिर कोई पत्थर आया

किसीने ऊपर ही लपक लिया !!

फिर कोई पत्थर आया

आसमान फट गया !!

फिर कोई पत्थर आया

वो किचड़ में गिर गया !!

फिर कोई पत्थर आया

रिश्ता चटक गया !!

फिर कोई पत्थर आया

कोई दुश्मन हो गया !!

फिर कोई पत्थर आया

कोई छलनी छलनी हो गया !!

फिर कोई पत्थर आया

उसे आसमान निगल गया !!

इन पत्थरों की बारिश में

मुल्क लुहलुहान हो गया !!

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विश्वनाथ शिरढोणकर , इंदौर म. प्र .

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