सभी हनुमान मंदिर में लिखित प्रार्थना से होती है मनोकामना पूर्ति–Vishal Shukla

 

सभी हनुमान मंदिर में लिखित प्रार्थना से होती है मनोकामना पूर्ति

 

Vishal Shukla

छिंदवाड़ा – कलयुग में हनुमान जी जागृत और सप्त चिरंजीव में से एक देव माने गए है इसके साथ ही चारो युगों में उनका प्रभाव के चलते उनके समक्ष सच्चे ह्रदय से की गई प्रार्थना चाहे वह लिखित प्रार्थना  पत्र के माध्यम से की गई हो या श्रद्धा पूर्वक मौखिक रूप से की गई हो वह अवश्य पूर्ण होती देखी गई है ऐसा ना सिर्फ हनुमान उपासको का कहना है बल्कि कुछ अनुभवी और हनुमान उपासक साधक भी इस बात को प्रमाणित कर चुके है एक भक्त ने नाम न छापने की शर्त में बताया कि उसने अलग अलग प्रार्थना पत्र में अपनी मनोकामनाऐं लिखकर हर बार अलग अलग  हनुमान मंदिरो कोशमी हनुमान मंदिर, अनगढ़ हनुमान मंदिर में हनुमानजी के समक्ष रखी आपको जानकर आश्चर्य होगा कि  प्रार्थना पत्र में लिखी वे सारी मनोकामनाएं तत्काल चमत्कारिक ढंग से पूर्ण हुई ! आज भी लोग प्रार्थना पत्र की छोड़िये केवल मौखिक रूप से सच्चे ह्रदय से प्रार्थना करके चमत्कारिक लाभ व परिणाम प्राप्त कर रहे है !

जल्दी प्रसन्न होते है हनुमानजीहनुमानजी ऐसे देव माने गए है जो सच्चे ह्रदय से की गई भक्ति और आराधना का तत्काल फल प्रदान करते है! इनकी पूजा में सिंदूर का विशेष महत्व है सिंदूर का सम्बन्ध महिलाओं के सौभाग्य और सुहाग से भी जुड़ा हुआ है महिलाएं मांग में सिंदूर जहाँ अपने पति की लंबी उम्र के लिए लगाती है वही हनुमान जी ने अपने प्रभु भगवान राम की लंबी आयु के लिए सिंदूर लगाते है! कुछ लोगो का मानना है कि हनुमान मंदिर में महिलाओ को प्रवेश नही करना चाहिये जबकि विद्वानों इसे एक सिरे से खारिज भी करते है अनेक महिलाएं उन्हें रक्षाबंधन व विशेष पर्व पर अपने भाई के रूप में हनुमानजी की पूजा करती है और उनसे रक्षा का आशीर्वाद प्राप्त करती है!

नगर के ये प्राचीन मंदिर सिद्ध तप स्थली नगर के कुछ प्राचीन मंदिर पातालेश्वर में स्थित  हनुमान मंदिर,  नरसिंग पुर रोड संकट मोचन हनुमान मंदिर, श्याम टॉकीज के राम मंदिर में स्थित हनुमान मंदिर, बावली वाले हनुमान मंदिर, नागपुर रोड चंदनगॉव के पास के पास कुलबहरा स्थित हनुमान मंदिर, कोशमी हनुमान मंदिर, जामसावली हनुमान मंदिर आज  भी एकांत और प्राचीन होने के कारण भक्तों की आस्था विस्वास और श्रद्धा का केंद्र होने के साथ साथ चमत्कारी और जागृत स्थल के रूप में प्रसिद्ध है! यही कारण है कि हनुमान साधक और भक्त ध्यान, पूजा पाठ के लिए इन सिद्ध स्थल तक पहुंचने उत्सुक दिखते है!

 

महिलाऐं और पुरुष समान रूप से पूजते है  यहां हनुमानजी कोनगर का चर्चित और प्रसिद्ध अनगढ़ हनुमान मंदिर एक ऐसा हनुमान मंदिर है जहां हनुमान जी के महिला और पुरुष दोनों भक्त समान रूप से पूजा करते है! जिला चिकित्सालय से लगा यह हनुमान मंदिर अनेक लोगो के साथ साथ रोगियों (मरीजों) की भी प्रमुख आस्था का केंद्र बिंदु है! यहां पुरुषों की तरह महिलाओं को भी समान रूप से पूजा करने का अधिकार प्राप्त है !

शंकरजी की तरह चमत्कारिक पातालेश्वर हनुमान  –जिले का सर्वाधिक प्राचीन सिद्ध स्थल पातालेश्वर मंदिर में स्थित हनुमानजी की प्रतिमा काफी प्राचीन है यहाँ पहुंचने वाले भक्त यहां के कई चमत्कारिक अनुभव बताते है ! वैसे भी शंकर जी के ग्यारवे रुद्र अवतार हनुमानजी माने गए है और कहा जाता है कि श्मशान, शिवलिंग, गौशाला, पीपल, बरगद, के समक्ष किया गया मंत्र जाप, पूजा पाठ अनेक गुना फल प्रदान करती है यहाँ इस मंदिर में आम ,पीपल ,नीम, विल्व, बरगद, इमली आदि वृक्षों के साथ साथ गौ शाला और नागाओं की समाधि भी है जिससे यह स्थान साधना पूजा पाठ की दृष्टि से सर्वाधिक अनुकूल हो गया है! यहां पहुंचने वाले भक्तों को यहां से मनोवांछित फल प्राप्त करते देखा गया है!

नारियल वाला हनुमान मन्दिरचारफाटक स्थित ब्रिज के नीचे केशरी नंदन हनुमान मंदिर में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए नारियल मंदिर में ही बांधे जाते है जिससे ये मंदिर नारियल के मंदिर के रूप में दिखाई देने के कारण यह देश भर में नारियल वाले हनुमान मंदिर के नाम से पहचान पा चुका है मंदिर में केशरी नंदन की प्रतिमा पूर्व मुखी है यहाँ भी भक्त अपनी मनोकामनाएं प्रार्थना पत्र के  माध्यम से व्यक्त करते है !

पंचमुखी हनुमान मंदिरनगर के तहसील परिसर में  पंचमुखी हनुमान मन्दिर विशाल रूप ले रहा है यहां हनुमानजी जी पंचमुखी प्रतिमा पीपल के वृक्ष के नीचे स्थित है भक्त इन्हें तहसील वाले हनुमानजी के नाम से भी जानते है प्रति मंगलवार, शनिवार यहां भक्तो की भीड़ अधिक रहती है!

ग्यारह मुखी हनुमान मंदिरयह मंदिर होटल देव के सामने मार्ग पर स्थित है यहां हनुमानजी की प्रतिमा ग्यारह मुखी विराट रूप में होने के कारण लोगो के लिए आकर्षण का और आस्था का केंद्र बनी हुई है एकांत में बना यह मंदिर ध्यान साधना का सुलभ केंद्र बिंदु भी है!

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