लिपट आऊँ तिरंगे में ,यहीँ अरमान दिल में है—-रवि कलाल

लिपट आऊँ तिरंगे में ,यहीँ अरमान दिल में है।

भगत सिंह प्रेरणा मेरी,वहीँ बलिदान दिल में है ।

मेरी ये जान जिससे है और अभिमान जिसपे है,

मेरा मेहबूब ,मेरा यार हिंदुस्तान दिल में है ।।

रचनाकार ;- रवि कलाल

 

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