भोपाल गैस त्रासदी— chandrashekhar mall

>                        शीर्षक: भोपाल गैस त्रासदी > सन१९८४ में मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में जहरीली गैस मिथाइल आइसोसाइनेट के रिसाला से हजारों लोगों की मौत हो गई थी >  उसी Read More …

जिंदगी में बड़े मजबूर हो गए हैं हम—-गौरव शुक्ल

जिंदगी में बड़े मजबूर हो  गए हैं हम, फिर से तन्हाइयों में अपनी खो गए हैं हम। प्यार करने में तुम्हें मैंने क्या उठा रक्खा, दिल में आठों पहर चेहरा तेरा बसा रक्खा। तुझको चाहा, तुझे माना, तेरी इबादत की Read More …

जानिए काला पानी अंडमान निकोबार के बारे में(साई फीचर्स)

  जानिए काला पानी अंडमान निकोबार के बारे में अडंमान निकोबार द्वीप समूह भारत का ही हिस्सा है। यहां हर साल लाखों टूरिस्ट छुट्टियां मनाने आते हैं। लेकिन इस द्वीप के कई ऐसे फैक्ट्स हैं, जिनके बारे में आप शायद Read More …

चिरनिंद्रा में लीन हो गया बॉलीवुड एक्टर विनोद खन्ना (निधि गुप्ता)

चिरनिंद्रा में लीन हो गया बॉलीवुड एक्टर विनोद खन्ना (निधि गुप्ता) मुंबई (साई)। मशहूर बॉलीवुड ऐक्टर विनोद खन्ना का निधन हो गया है। 70 वर्षीय खन्ना कैंसर से पीड़ित थे। हाल ही में उनकी एक तस्वीर वायरल हुई थी, जिसमें Read More …

स्टेशन आते ही यात्री को अलार्म बजाकर उठाएगा रेलवे (पी.के.श्रीवास्‍तव)

स्टेशन आते ही यात्री को अलार्म बजाकर उठाएगा रेलवे (पी.के.श्रीवास्‍तव) कोरबा (साई)। ट्रेन में सफर पर निकले ऐसे यात्रियों के लिए अच्छी खबर है, जो नींद की वजह से अपने निर्धारित स्टेशन में उतरने की बजाय आगे निकल जाते हैं। Read More …

तुम्हें मांसाहारी बनना है तो बनो–अनवर सुहैल

तुम्हें मांसाहारी बनना है तो बनो लेकिन मत खाओ हलाल मांस इन म्लेच्छों का हलाल किया मांस वर्जित है अब से इस मांस को हम अपवित्र घोषित करते हैं इससे बेशक होगा तुम शाकाहारी ही बने रहो तुम जो इनकी Read More …

भैया का आँगन–डॉ० श्रीमती तारा सिंह

भैया का आँगन–डॉ० श्रीमती तारा सिंह   हाड़-मांस  कंपा  देने  वाली  पौष  की  ठिठुरती रात में,रोज की तरह आज भी बुधना अपने छोटे-छोटे बच्चों को ,एक कोने में छाती से चिपकाये, सिकुड़ा-सिमटा सुबह का इंतजार कर रहा था, तभी उसका Read More …

1 मई अन्त. मजदूरदिवस पर —लाल बिहारी लाल

1 मई अन्त. मजदूरदिवस पर लाल बिहारी लाल के कुछ दोहे दुनिया के हर कामको,देते सदा अंजाम। चाहे कोई कुछ कहे,लेते नहीं विराम ।1। इनके ही सम्मानकी बाते करते लोग। इनके नहीं नसीबमें,जीवन को ले भोग।2। कहीं तोड़े पत्थरतो, कही Read More …

हज़ार राहें (लघुकथा)—- सुशील शर्मा

हज़ार राहें (लघुकथा) सुशील शर्मा नीरज का मुंह लटका था आज जी मैन का रिजल्ट आया था और वह क्वालीफाई नही कर सका था। पिता ने उसकी मनोदशा समझ कर प्यार से कहा *सुनो बेटा तुम परीक्षा में असफल हो Read More …