इंसानियत की नींव–अंशुल रहेजा

इंसानियत की नींव

ताज महल को जानते हैं,

बनाने वाले को नहीं |

फूलों को देखना पसंद करते हैं,

लेकिन उगानेवाले को नहीं |

इमारत की ऊंचाई देखना पसंद करते हैं,

लेकिन जमीन में गढ़ी नींव की ईंट को नहीं |

अधिकसे अधिक धन-दौलत कमाना चाहते हैं,

लेकिनपसीना बहाना नहीं |

पक्की सड़क पर चलना जानते हैं,

लेकिन बनाने वाले को नहीं |

लोग पूजा करना जानते हैं,

लेकिन बिना मतलब से नहीं |

अमीर लोग गरीबों से इज्जत पानाजानते हैं ,

लेकिन इज्जत करना नहीं |

इच्छाओं को बढ़ाना जानते हैं,

लेकिनघटाना नहीं|

दूसरों परहँसना जानते हैं,

लेकिनखुदपर नहीं |

हिम्मत दिखाना जानते हैं कमजोर पर,

परन्तु जंग के मैदान में नहीं ,

लोग पाना तो बहुत कुछ चाहते हैं,

परन्तु खोना कुछ नहीं |

 

 

लेखक:

अंशुल रहेजा, बरवाला

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Facebook
Twitter
LinkedIn
INSTAGRAM