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newyear

स्वर्णिम परिधान पहन कर ,
नये वर्ष का है आवर्तन.
रवि रश्मियां करती हैं,
आशाओं की ज्योति संचरण.

धवल चांदनी खिल-खिल कर,
भरती जीवन में आकर्षण.
रजनीगंधा सी सुगंध भर
प्रकृति करती अभिनन्दन.

नूतन वर्ष सुखद बन जाये,
पल-पल हो सुख परिपूरन.
रिद्धि-सिद्धि नित करने आयें
तव द्वार पर प्रतिपल वन्दन.

स्वास्थ्य, समृद्धि, सफ़लता,
करें आजीवन प्रत्यावर्तन.
इन्द्रधनुषी स्वप्न तुम्हारे,
पा जायें सम्बल, संकर्षण.

सपरिवार सुखमय हर क्षण,
सुख बन जाये तव जीवनधन.
वाणी वीणा लेकर गाये,
नये वर्ष का मंगलाचरण.

 

 

नीरजा द्विवेदी

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