swargvibha banner

होम रचनाकार कविता गज़ल गीत पुस्तक-समीक्षा कहानी आलेख E-Books

हाइकु शेर मुक्तक व्यंग्य क्षणिकाएं लघु-कथा विविध रचानाएँ आमंत्रित

press news political news paintings awards special edition softwares

 

 

नये साल में

new year

नये साल में

लिखूंगा एक पूरी कविता.

गाऊँगा

पूरे स्वर में कोई मुक्तिगान.

ढ़ूढ़ूंगा

कुछ पूरे दोस्त.

भले नया न हो

पर देखूंगा एक पूरा स्वप्न.

जीना चाहूंगा एक पूरी ज़िदगी.

भटकूंगा

पूरेपन की तलाष में पूरे साल!

 

..................अशोक कुमार पाण्डेय

HTML Comment Box is loading comments...