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Swargvibha स्वर्गविभा

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सितम्बर 2018 अंक            Swargvibha online magazine

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स्वर्गविभा (www.swargvibha.in) पर नि:शुल्क प्रकाशनार्थ हिन्दी रचनाएँ ( किसी भी विधा में ) यूनिकोड (मंगल) में टंकित कर, अप्रकाशित एवं मौलिकता के प्रमाण-पत्र के साथ ही मेल द्वारा swargvibha@gmail.com पर भेजें । सामग्री की मौलिकता के लिए लेखक/ प्रेषक स्वयं जिम्मेदार होगा । प्रकाशित विचार लेखकों के अपने हैं, इनसे सम्पादक का सहमत होना आवश्यक नहीं है । सभी प्रसंगों का न्याय क्षेत्र नवी मुम्बई ( महाराष्ट्र ) ही होगा ।

 

 

डॉ० बी० पी० सिंह
का० सम्पादक, स्वर्गविभा

 

डॉ. तारा सिंह , महामहिम राज्यपालों के हाथों सम्मानित

 

बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन , पटना अपना दो दिवसीय ( 17 एवं 18 मार्च ,2018 ), 39 वाँ महाधिवेशन के अवसर पर , कदम कुआँ पटना स्थित सभागार में एक भव्य समारोह का आयोजन किया ; जिसका उद्बोधन महीयसी गोवा राज्यपाल ,डॉ. मृदुला सिन्हा एवं जिसकी अध्यक्षता महामहिम मेघालय राज्यपाल श्री गंगा प्रसाद ने किया | इस अवसर पर देश के कोने-कोने से आये पत्रकार, साहित्यकार एवं हिंदी प्रेमियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कर, सम्मेलन की भव्यता को शीर्ष तक पहुंचाने में, अपनी अहम् भूमिका अदा किया |
अधिवेशन के प्रथम दिन अपराह्न् 12 बजे , स्वर्गविभा स्थापिका एवं वरिष्ठ साहित्यकार ,डॉ. श्रीमती तारा सिंह को उनकी उत्कृष्ट रचनाधर्मिता एवं उल्लेखनीय साहित्यिक उपलब्धियों के लिए संस्था की ओर से ‘प्रकाशमयी नारायण सम्मान 2018 ’ द्वारा शाल , बुके एवं प्रशस्ति -पत्र देकर, महामहिम राज्यपाल (द्वय) डॉ. मृदुला सिन्हा तथा श्री गंगा प्रसाद ने अपने कर कमलों से सम्मानित किया | अब तक डॉ. श्रीमती सिंह की 35 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं और देश-विदेश के उच्चस्तरीय हिंदी संस्थानों द्वारा उन्हें 252 पुरस्कारों / सम्मानों / मानदोपाधियों से विभूषित किया जा चुका है |
अधिवेशन के दूसरे दिन अपराह्न 3.30 बजे ,पद्मश्री डॉ. सी. पी. ठाकुर की उपस्थिति एवं वरीय साहित्यकार श्री नृपेन्द्र नाथ गुप्त जी की अध्यक्षता में राष्ट्रभाषा हिंदी की दशा-दिशा पर एक रोमांचक वाद-विवाद आयोजित किया गया ; जिसमें श्रीमती सिंह ने एक प्रभावशाली वक्तव्य प्रस्तुत किया ,जिसे सभागार में उपस्थित सभी साहित्यकारों तथा हिंदी -प्रेमियों ने जोरदार तालियों से खूब सराहा और प्रशंसा किया |

 

 

चीफ ई० राजीव कुमार सिंह (02 अप्रिल, 2018) ;
महामंत्री , स्वर्गविभा इन ,1502 सी क्वीन हेरिटेज
प्लाट -6, सेक्टर-18, सानपाड़ा, नवी मुंबई—400705

 

डॉ० तारा सिंह को इम्वा (IMWA) अवार्ड 2016 

 

imwa 

 


राष्ट्रीय, अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कर चुकीं , 32 पुस्तकों की रचयिता, डॉ० श्रीमती तारा सिंह ने 2005 में लोकप्रिय हिन्दी वेबसाइट, स्वर्गविभा ( http://www.swargvibha.in) की स्थापना की, जो निविघ्न उँचाईयों को छूते आगे बढ़ रही है । साथ ही डॉ० सिंह, विगत तीन वर्षों से वेबसाइट पत्रिका ( On line swargvibha magazine ) भी सफ़लता पूर्वक संचालित कर रही हैं । इन सब उपलब्धियों का आंकलन करते हुए इंडियन मीडिया वेलफ़ेयर एसोसियेशन , नई दिल्ली द्वारा इनको BEST SOCIAL ON LINE IMWA 2016 के लिए चयनित कर, गत 15 मई 2016 को सायं पाँच बजे कॉन्सटिट्यूशन क्लब मालवंकर ऑडिटोरियम , रफ़ी मार्ग , नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह में , माननीया केन्द्रीय अल्पसंख्यक विभाग मंत्री, श्रीमती नज़मा हेपतुल्ला के कर कमलों द्वारा IMWA TROPHY प्रदान किया गया । इस अवसर पर मंत्री महोदया के हाथों, डॉ० सिंह की 32 वीं कृति ( उपन्यास ) ,” जिंदगी, बेवफ़ा मैं नहीं “ का भी लोकार्पण किया गया । इसके तुरंत बाद डॉ० सिंह ने अपनी स्वरचित राष्ट्रगीत ( गज़ल ), ’करो भारत को नमन’ , अपने मधुर कंठ से सुनाया ; जिसकी मंत्री महोदया तथा सभा-क़क्ष में उपस्थित सभी मीडिया कर्मी एवं कलाकारों ने अपनी करतल ध्वनि से भूरि-भूरि सराहना की ।

 

 

डॉ० बी० पी० सिंह
सह-अध्यक्ष , स्वर्गविभा, नवी मुम्बई
दिनांक 2 जून 2016


 

 

 

 

 Articles invited रचानाएँ प्रकाशनार्थ आमंत्रित


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स्वर्ग विभा (www.swargvibha.in),नये-पुराने साहित्यकारों का वह मिलनमंच है ,जहाँ विश्व के कवियों ,लेखकों, गज़लकारों तथा उपन्यासकारों को ससम्मान एक मंच पर नि:शुल्क लाकर खड़ा करती है । केवल आदान मात्र मनुष्य को पूर्ण संतोष नहीं देता, उसे प्रदान का भी अधिकार चाहिये ,और इसी अधिकार का विकसित मंच है स्वर्ग विभा । यह विद्वानों व साहित्य-प्रेमियों के बुद्धिकार्य के स्थूल ग्यान से लेकर इसके जन्म देने वाले सूक्ष्म विचारों की अनुभूतियों को भी स्वयं में संचित करती है । इस प्रकार वामन जैसा लगने वाली स्वर्ग विभा, असीमता में बढ़ती-बढ़ती विराट हो सकती है ; बशर्तेकि आप सबों का सहयोग और प्यार यूँ ही मिलता रहे ।


 संस्थापिका एवं प्रधान सम्पादिका--- डॉ० श्रीमती तारा सिंह

1502 सी क्वीन हेरिटेज़,प्लॉट—6, सेक्टर—
18, सानपाड़ा, नवी मुम्बई---400705
Email :-- swargvibha@gmail.com
(m) :--- +919322991198

 

 

Tara Singh (author)

 

She is the founder president of the Hindi website Swargvibha and Chief Editor of swargvibha online quarterly magazine , which has numerous collections & gives away Swargvibha Tara award to promising Hindi writers/ journalists every year. She is the working president of the Sahityik, Sanskritik and Kala Sangam Academy, Pratapgarh (U.P.). She takes keen interest in writing poems, gazals, stories, novels and filmy songs.

 

Already she has published 37 books and has been awarded 252 awards/ prizes/ Samman from various national as well as international organisations of repute.