शुभ दीप-पर्व दीपावली: मंगल कामनाएं!---अनहद कृति

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शुभ दीप-पर्व दीपावली: मंगल कामनाएं!---अनहद कृति

Post by admin » Thu Nov 08, 2018 3:21 pm

शुभ दीप-पर्व दीपावली: मंगल कामनाएं!
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शुभ अभिनन्दन!
दीप-पर्व दीपावली की सहर्ष सहस्र मंगल कामनाएं!

दीपावली का चिर पुरातन उद्देश्य त्यौहारों, उत्सवों, समारोहों की बदौलत उपजी सामूहिक ऊर्जा से सहकार-समन्वय-सहयोग-स्नेह-आदि के मानवीय संस्कारों से सम्पृक्त ऐसे भारतीय समाज कि संरचना का है जो समूची मानवता को अँधेरे से उजाले की और, असत्य से सत्य की और, स्थूल से सूक्ष्म की और बढ़ने की चिरंतन प्रेरणा दे।

अपार हर्ष-उल्लास एवं समृद्धि का त्यौहार है दीपावली। रंग-बिरंगे परिधानों से सजें बच्चे, बूढ़े और युवाओं के चेहरों पर खुशियों की फुलझड़ियाँ चमकें, दिलों में प्रेम और सहृदयता के पटाखे फूटें, मिलवर्तन की चकरियाँ पूरे घर आँगन में फैल-फैल जाएं, हर एक का मन-मानस समृद्धि के अनारों से चहुँ दिश अपनी चमक फैलाए और हमारे देश से उड़ी विश्व-भ्रातृत्व की हवाइयाँ पूरी दुनिया के खुले आकाश में उड़ती जाएं...

"...पथ न भूले एक पग भी
घर न खोए लघु विहग भी
स्निग्ध लौ की तूलिका से
आंक सब की छांह उज्ज्वल ..."

इस दीपावली पर, हिंदी साहित्य की जाज्वल्यमान कवयित्री महादेवी वर्मा की एक अमर कृति पढ़िए 'दीप मेरे जल.... '

असंख्य जगमगाते दीपों का दीपोत्सव दीवाली, जो अथक संघर्ष द्वारा बुराई पर अच्छाई की विजय की गौरवपूर्ण स्मृति में मनाया जाता है, अपने इस उद्देश्य में सफल हो, अपनी इसी स्मृति को जन-मानस-पटल पर एक बार फिर सशक्त कर लाये!

आप सभी का जीवन मंगलमय हो इन्हीं कामनाओं के साथ हम आशा करते हैं कि मर्मज्ञ रचनाकारों द्वारा गहन चिंतन, अनुपम कल्पना, दीर्घजीवी स्वप्न लोक से सम्पन्न कृतियों का मित्रवत सहयोग सदैव मिलाता रहेगा।

शुभ दीपावली!!

सदैव शुभाकांक्षी,
पुष्प राज चसवाल एवं डॉ प्रेम लता चसवाल 'प्रेम पुष्प'
संपादक द्वय: अनहद कृति
(https://www.anhadkriti.com)

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