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इख़्तियार--- Dileep Kessani

Posted: Thu Nov 22, 2018 6:05 am
by admin
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इख़्तियार
मेज पर रखी कुछ किताबो और चाय के मग के साथ पास में पड़े मोबाइल की स्क्रीन में रोशनी हुई तो आकाश ने झट से मोबाइल उठाया उसको लगा की शायद पायल का मैसेज होगा.
पायल और आकाश पिछले 5 सालो से एक दूसरे से बे-पनाह प्यार करते थे, काफी कुछ था जो बदलने लगा था, रिश्ते भी और हालात भी.
बहरहाल आकाश ने मोबाइल उठाया तो उस पर एक मैसेज पर लिखा था. “आप को जॉब से निकाला जा रहा है, कल से आप ऑफिस मत आना...” वो एक फाइनेंस कंपनी में जॉब करता था. और यही एक आखरी वजह थी उसके जीने की. जो भी शायद अब धुंधली होने लगी थी.
लेकिन आकाश को उसकी जॉब जाने तक की इतनी परवाह नहीं थी जितनी की पायल का उसको इग्नोर करने की.
उसने फिरसे पायल के व्हाट्सप्प पर मैसेज किया, पायल भी ऑनलाइन ही थी, उस ने भी मैसेज को देखा लेकिन कोई जवाब नहीं दिया.
हर मोहब्बत का अंजाम शायद यही होती है. नया नया मिलना, फिर एक दूसरे की चाहत और पागल-पन, लेकिन जेसे जेसे प्यार पुराना होता जाता है वैसे वैसे ही प्यार करने वालो की सोच भी बदलती जाती है. यानी आगाज बिलकुल ही अलग होता है और अंजाम...
आकाश के जहन में 5 साल पहले 31 दिसम्बर 2013 रात का वो मंजर याद आने लगा जब रात को ठीक 11 बजके 58 मिनट पर उसके मोबाइल पर एक अनजान नम्बर से कॉल आया, आकाश ने जैसे ही फोन उठाया, सामने से आवाज आयी “हैप्पी न्यू ईयर गीतूडी.”
“कौन?” सवालिया अंदाज में आकाश ने पूछा
वापिस कोई जवाब नहीं आया, और जरा सी खामोशी के बाद फोन कट हो गया. शायद कॉल गलती से आया होगा यह सोचके आकाश ने वापिस उन नम्बर पर फोन करना जरूरी नहीं समझा
लेकिन दूसरे दिन उन्ही अनजान नम्बर से आकाश को एक मैसेज आया की “सॉरी कल आपको कॉल गलती से लग गया था”
“कोई बात नहीं, लेकिन आप कौन” इस बार आकाश ने मैसेज का जवाब दिया.
“जी मेरा नाम पायल है लेकिन मेरे दोस्त मुझे पिंकू बोलते है”
इसी तरह से दोनों के बीच एक दूसरे को सन्देश भेजने का सिलसिला शुरू हो गया जो बाद में मुलाकातो तक पहुँचा, मुलाकाते दोस्ती में बदल गयी और दोस्ती प्यार में और प्यार भी इतना गहरा की एक दूसरे के लिए मरने तक को तैयार रहते थे.
आकाश अभी उन्ही पुरानी यादो में गुम था कि अचानक उसके मोबाइल पर कॉल आई, वह झट से उस दौर से आज के दौर में आ पहुँचा. कॉल घर से था उसकी माँ ने उसको गांव बुलाया था. पर आकाश के जहन-व-ख्याल में तो बस पायल थी.
गहरा प्यार, दीवानगी और साथ जीने मरने की कसमें और सिर्फ 5 साल में ही दम तोड़ता रिश्ता.
प्यार तो पायल भी आकाश से बेपनाह करती थी, लेकिन बात वक्त की थी, जिसने दोनों के बीच दूरियां बना दी थी.
पायल का हाल भी आकाश जैसा ही था लेकिन वो तंग आ चुकी थी आकाश से रोज रोज लड़ाई से क्योंकि आकाश की जिंदगी में कुछ परेशानियां थी जिसका गुस्सा वह पायल पर उतारा करता था.
फिर अचानक एक दिन अखबार में खबर आयी कि आकाश ने खुद-कुशी कर ली है.
पायल यह खबर सुनके बद हवास सी हो गयी थी और काफी हद तक टूट चुकी थी
उसने अकेला रहना शुरू कर दिया, न किसी से मिलना न बात करना न ही खाना पीना.
पायल के माता पिता परेशान हो गए थे, क्योंकि पायल उनकी इकलौती औलाद थी, उसको वो इस हाल में नहीं देख सकते थे,
उन्होंने पायल की दोस्त गीतिका को बुलाकर उसे बोला की वो पायल को समझाए लेकिन वह भी नाकाम रही, गीतिका पायल के बारे में सब कुछ जानती थी, दोनों बचपन की दोस्त थी और एक दूसरे के सारे राज जानती थी, तो ऐसे में गीतिका ने पायल के माता पिता को पायल की शादी करवाने की सलाह दी.
एक लड़का जो पायल के पापा के दोस्त का लड़का था तुषार उसको पसंद किया गया.
तुषार पायल को काफी अरसे से जानता था और वो पायल से शादी करने के लिए तैयार हो गया लेकिन पायल?? वह कहाँ तैयार थी.
गीतिका भी चाहती थी की पायल पहले जैसी बन जाये. लेकिन किसी को कुछ समझ में नहीं आ रहा था.
पायल बस खोयी रहती थी आकाश की यादो में, और उसे अब भी लग रहा था कि आकाश उसकी जिंदगी में फिरसे लौट आएगा. उसके लिए वो बस व्हाट्सप्प और फेसबुक मेस्सेंजर चेक करती रहती थी, वह मानने को तैयार तक नहीं थी कि आकाश अब इस दुनिया में नहीं रहा. एक दिन अचानक से पायल के फेसबुक पर मैसेज आया जिसको देख के पूरी तरह से चैंक उठी३. “आई मिस यू पायल”
वह मैसेज आकाश नाम की फसबूक आई. डी. से आया था. लेकिन यह कैसे हो सकता था. शायद कोई मजाक कर रहा होगा. पायल उस फेसबुक आई. डी. को खोलके देखने लगी. आई. डी. नयी थी, जो 2 दिन पहले ही बनी थी लेकिन उस में जो फोटोज थे वह सिर्फ आकाश और पायल के पास ही थे.
पायल को यह किसी की शरारत लगी तो उसने इग्नोर किया.
लेकिन उस दिन से आकाश की उस आई. डी. से संदेशो के आने का सिलसिला कुछ दिनों तक ऐसे ही चलता रहा लेकिन पायल उसको कोई जवाब नहीं देती थी, लेकिन एक दिन उस आकाश वाली आई. डी. से जो बाते कही गयी उनको पढ़ कर पायल को न चाहते हुए भी आकाश पर यकीन करना ही पड़ा. क्योंकि वह बाते सिर्फ उन दोनों को ही पता थी.
तब जाकर पायल ने आकाश वाली आई. डी. को जवाब दिया की आप कौन हो? और आपको यह सारी बाते कैसे पता.
तब आकाश ने जवाब दिया की में आकाश ही हो, में दुनिया में नहीं हूँ लेकिन मेरी रूह तुम्हारे साथ है.
रूह??? यानि एक आत्मा फेसबुक चला रही थी? यह कैसे हो सकता है.
पायल अभी कुछ जवाब दे पाती इतने में आकाश की फेसबुक आई. डी. से जवाब आयाः “आई लव यू पायल, में तुम से मिलना चाहता हूँ अभी.”
“मुझसे मिलना चाहते हो? पर कैसे? यह कैसे हो सकता है.” पायल ने सवालिया अंदाज में पूछा.
आकाश ने जवाब दिया किः “में अभी तुम्हारे एक दोस्त के जिस्म में हूँ और मैं तुम से शादी करना चाहता हूँ, और कभी तुम से दूर नहीं होना चाहता.”
“दोस्त? मेरे कौनसे दोस्त के शरीर में?”
आकाश ने बोला कि अभी में उसी इंडियन रेस्टोरेंट में हूँ जहाँ हम अक्सर मिला करते थे. मैं उसी टेबल पे तुम्हारा इंतजार कर रहा हू जहा हम अक्सर मिला करते थे और मेने लाल रंग की टी शर्ट पहन राखी है.
पायल तेजी से घर से निकली और इंडियन रेस्टोरेंट जा पहुंची जिस के एक टेबल पर उनको अक्सर मुलाकात होती थी, वाह लाल टी शर्ट में कैप लगाए कोई पहले उसका इंतजार कर रहा था.
पायल ने जैसे करीब जाकर देखा तो पाया कि लड़का कोई और नहीं तुषार ही था.
तुषार पायल को देख के अपनी जगह से उठा और पायल ने झट से उसको गले से लगाया और रोने लग गयी और बोलीः
“मुझे माफ कर दो आकाश, में कभी तुम को समझ नहीं पायी, तुम्हारी परेशानियो में मैने तुम्हारा साथ नहीं दिया, मुझे माफ कर दो. प्लीज अब कभी मुझे अकेला छोड़के मत जाना.”
एक सिलसिला जो आकाश की जुदाई के बाद थम सा गया था, वह तुषार के प्यार में फिरसे शुरू हो गया.
फिरसे वही मिलना, बातों का सिलसिला, तुषार का अंदाज और अल्फाज सब अलग थे लेकिन पायल कुछ समझ नहीं पा रही थी. उसको ऐसा लग रहा था जैसे उसको उसका पुराना प्यार आकाश फिरसे मिल गया है.
दोनों की सगाई भी हो गयी, इन सब से गीतिका और पायल के माता पिता काफी खुश थे.
लेकिन एक दिन अचानक पायल तुषार से मिलने उसके घर गयी, तब तुषार फ्रेश होने बाथरूम में था तभी अचानक पायल की नजर उसके रूम के एक कोने में पड़े तुषार के कंप्यूटर की स्क्रीन पर पड़ी, जिस में पायल खुद की ही आई. डी. पहले से ओपन थी.
पायल के पैरो से तो जैसे जमीन निकल गयी. पायल की उसी आई. डी. में उसके और आकाश के बीच हुए बातो वाले मैसेज और फोटोज पड़े थे, यानी तुषार उन्ही संदेशो के जरिये आकाश बनकर पायल को धोखा दे रहा था.
पायल की आँखों में आंसु आ गए और गुस्से से चेहरा लाल हो गया. इतने में उसने महसूस किया की तुषार उसके पीछे खड़ा था, पायल ने तुषार को जोरदार थप्पड़ मरी और सगाई की अंगूठी निकाल कर उसके मुंह पर मार दी और गुस्से से वहाँ से चली गयी.
तुषार के घर के बहार गीतिका खड़ी थी, उसने पायल को रोका, काफी समझाया कि तुषार उस से सच्चा प्यार करता है और उसको पाने के लिए ही मैंने ही तुम्हारी आई. डी. के पासवर्ड दिए थे. तुम दोनों को मिलाने का यही एक आखरी रास्ता बचा था.
पायल ने रोते हुए बोलाः “जब तक आकाश मेरे साथ था तब तक में उसके प्यार को समझ नहीं पायी. उस से लड़ना, झगड़ना, बहस करना, वह जो कुछ भी था असल में वही सच्चा प्यार था, आकाश की जगह कोई नहीं ले सकता, कोई भी नहीं...”
यह बोलकर पायल वहाँ से आगे बढ़ चली...

Dileep Kessani
Poet, Writer, FWA member

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