वृक्ष दो हमें वरदान-सुखमंगल सिंह'मंगल'

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वृक्ष दो हमें वरदान-सुखमंगल सिंह'मंगल'

Post by admin » Wed Sep 26, 2018 10:32 am

मंगल, 17 जुल॰ 2018, 4:59 pm को Sukhmangal Singh <sukhmangal@gmail.com> ने लिखा:


वृक्षदो हमें वरदान, समझें तुझे संत समान।
मथुरा करती गुणगान,आदिकालसे हो महान।।
कान्हा करता पीपल बास,बढे साधु में उल्लास।
घर तुलसी पीपल साथ, आक्सीजन पूर्ण हार्ट।।
औषधि कहते शास्त्र, कहर वरपाते हैं आप।
पुरखों के रखवाले पेड,मानव औ वृक्ष साथ।।
रक्षा करता जीवन का,न्यारे दिखते तुम खास ।
रिषि मुनि तुझे मानें, देवर्षि कहकर बखानेः।।
प्रकृतिप्यार से अडे हो,फिर भी मौन खडे हो।
लेते भोजन सूरज से,देते उसको सबको हो।।
मनुज तरस ना खाता, कटारी ले दौडाता ।
मंगल' मंगलमय महान'गीता गाये गुणगान।।
वृक्ष हमें दो --'------
-सुखमंगल सिंह'मंगल' जून25,2018 सोमवार
संवत् 2075 (वि)
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