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Tue Dec 04, 2018 3:16 pm
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Topic: मेरी जीवनाकांक्षा----डॉ. श्रीमती तारा सिंह
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मेरी जीवनाकांक्षा----डॉ. श्रीमती तारा सिंह

मेरी जीवनाकांक्षा----डॉ. श्रीमती तारा सिंह http://www.swargvibha.in/horizontalmenu/tara%20singh.png इच्छा-प्रधान होने के कारण ही मनुष्य को, सभी जीवों में श्रेष्ठ माना गया है ,मगर ये इच्छायें ,सबों की एक जैसी नहीं होतीं ---- कोई डॉ० बनना चाहता, तो कोई इंजीनियर; कोई वैग्यानिक, तो कोई समाज-सुधारक । मैं...
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Tue Dec 04, 2018 3:13 pm
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Topic: रेलयात्रा-------डॉ० श्रीमती तारा सिंह
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रेलयात्रा-------डॉ० श्रीमती तारा सिंह

रेलयात्रा ----डॉ० श्रीमती तारा सिंह मेरा गाँव , भारत के प्राचीनतम गाँवों में से एक है । अपनी गरीबी के लिए ही नहीं, प्राकृतिक और भौगोलिक निर्माण की दृष्टि से भी, लोग मेरे गाँव को अच्छी तरह जानते हैं । शृंगी ऋषि का तपोवन यहीं था ; बावजूद यहाँ एक भी स्कूल ,अस्पताल नहीं है । लोग हर तरह से , शहर पर आश्रि...
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Tue Dec 04, 2018 3:09 pm
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Topic: माँ---डॉ. श्रीमती तारा सिंह
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माँ---डॉ. श्रीमती तारा सिंह

माँ---डॉ. श्रीमती तारा सिंह http://www.swargvibha.in/horizontalmenu/tara%20singh.png नारी के लिए, माँ शब्द बड़ा ही अनूठा है ; अनूठा हो भी क्यों नहीं,नारी,प्रकृति जो कही गई है । कहते हैं , नारी स्वर्ग और धरती के बीच वह महासेतु है, जिस पर होकर आदमी उस अदृश्य लोक से दुनिया में आता है । संतान सुख के लिए...
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Tue Dec 04, 2018 3:06 pm
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Topic: निर्गुण महाकवि कबीरदास---डॉ. श्रीमती तारा सिंह
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निर्गुण महाकवि कबीरदास---डॉ. श्रीमती तारा सिंह

http://www.swargvibha.in/horizontalmenu/tara%20singh.png निर्गुण महाकवि कबीरदास---डॉ. श्रीमती तारा सिंह कबीर एक महान क्रांतिकारी व्यक्तित्व का नाम है । मध्यकाल के आरम्भ के तीन कवियों में विद्यापति और जायसी के साथ आता है । कदाचित ये तीनों समकालीन कवि थे , मगर तीनों की भाषाएँ अलग-अलग थीं । यही कारण ह...
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Tue Dec 04, 2018 3:02 pm
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Topic: वात्सल्य रस के कवि सूर---डॉ. श्रीमती तारा सिंह
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वात्सल्य रस के कवि सूर---डॉ. श्रीमती तारा सिंह

वात्सल्य रस के कवि सूर---डॉ. श्रीमती तारा सिंह http://www.swargvibha.in/horizontalmenu/tara%20singh.png काव्य-कला और प्रेम की व्यंजना में सूर के समक्ष कोई नहीं ठहरता । तुलसीदास, कवि के साथ धर्मोपदेशक भी थे ; वे लोक कल्याण और समाज निर्माण की भावना से प्रेरित होकर काव्य लिखा करते थे तथा वर्णाश्रम की म...
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Tue Dec 04, 2018 2:54 pm
Forum: हायकु
Topic: हाइकु दिवस की प्रस्तुति ----प्रदीप कुमार दाश "दीपक"
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हाइकु दिवस की प्रस्तुति ----प्रदीप कुमार दाश "दीपक"

हाइकु दिवस प्रस्तुति P.k. Dash https://plus.google.com/u/0/_/focus/photos/public/AIbEiAIAAABECNXT3vrRmYzPmwEiC3ZjYXJkX3Bob3RvKihjNTY5YjA2ZjNkZDI3N2U1MmQzZTk2NWUwYzkxYTBhMjcxNmU1MjIwMAGivxa0JdaKQwrfLUFb42Wz9dy6Ig?sz=32 हाइकु दिवस की प्रस्तुति 04 दिसम्बर 2018 ~~~~●~~~~ धान की बाली महकती कुटिया खुश कृष...
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Tue Dec 04, 2018 2:50 pm
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Topic: सुख और दुःख सहज स्वाभाविक वृतियां ---- सुशील शर्मा
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सुख और दुःख सहज स्वाभाविक वृतियां ---- सुशील शर्मा

Sushil Sharma सुख और दुःख सहज स्वाभाविक वृतियां सुशील शर्मा वैदिक संस्कृति संसारगत ऐश्वर्यों को जीवन यात्रा में साधन मानती है. आज तो मनुष्य ने पाने सुख के लिए आश्चर्यजनक आविष्कार कर लिए है. ये सुख, विषतुल्य व जीवन यात्रा में बाधक तब बन जाते हैं, जब ये साधन न रहकर साध्य बन जाते हैं। सुख-दुःख का सम्बन...
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Tue Dec 04, 2018 2:47 pm
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Topic: हनुमान की जाति- (एक अर्थहीन बहस) --घनश्याम भारतीय
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हनुमान की जाति- (एक अर्थहीन बहस) --घनश्याम भारतीय

Ghanshyam Bharti https://plus.google.com/u/0/_/focus/photos/public/AIbEiAIAAABECMTxtZe3m_rQ_AEiC3ZjYXJkX3Bob3RvKigxYTZjODcxOGVjNDI4MzFmZWJhY2YxMzM0MTBlMzY5ZDRlYWNjOTdiMAEiUFlr5dbU9xBQVdVoHs3LJ5gz9A?sz=32 हनुमान की जाति- एक अर्थहीन बहस घनश्याम भारतीय असंख्य हिंदुओं के रोम-रोम में बसे मर्यादा पुरुषोत्...
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Tue Dec 04, 2018 10:39 am
Forum: कविता
Topic: "मेरी माँ:-मेरी पहचान"----शिवांकित तिवारी "शिवा"
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"मेरी माँ:-मेरी पहचान"----शिवांकित तिवारी "शिवा"

कविता शीर्षक-"मेरी माँ:-मेरी पहचान" https://plus.google.com/u/0/_/focus/photos/public/AIbEiAIAAABECIukqPibuO67yAEiC3ZjYXJkX3Bob3RvKigwYmU1NzA0YmMxYTc1NzdkZWMzNjVhNWI0ZGQzMmJiYjBiY2U3YzhmMAF-hmv6p4XScczdJ7gEZj_4PISRrA?sz=32 Shivankit Tiwari <shivankittiwari1999@gmail.com> माँ शब्द मेरी जिंदगी का सबसे...
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Tue Dec 04, 2018 10:36 am
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Topic: संविधान एवं लोकतंत्र को बचाने का जिम्मा जनता का है-----डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश'
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संविधान एवं लोकतंत्र को बचाने का जिम्मा जनता का है-----डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश'

यदि सरकार चुनाव आयोग, आरबीआई, सीवीसी, सीबीआई और न्यायापालिका को नियंत्रित करती है तो संविधान एवं लोकतंत्र को बचाने का जिम्मा जनता का है!-डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' Inbox x डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश'-National President-BAAS & National Chairman-JMWA यदि सरकार चुनाव आयोग, आरबीआई, सीवीसी, सीबीआई औ...