Search found 21476 matches

by admin
Sat Nov 17, 2018 9:57 am
Forum: press news
Topic: मंदिर के नाम पर बाराबंकी पुलिस ने पैदा किया सांप्रदायिक तनाव--रिहाई मंच
Replies: 0
Views: 38

मंदिर के नाम पर बाराबंकी पुलिस ने पैदा किया सांप्रदायिक तनाव--रिहाई मंच

Rihai Manch report- मंदिर के नाम पर बाराबंकी पुलिस ने पैदा किया सांप्रदायिक तनाव Inbox x rihai up AttachmentsFri, Nov 16, 6:39 PM (15 hours ago) to bcc: me Rihai Manch - Resistance Against Repression _________________________________ मंदिर के नाम पर बाराबंकी पुलिस ने पैदा किया सांप्रदायिक तनाव आरएसए...
by admin
Sat Nov 17, 2018 9:52 am
Forum: कविता
Topic: मै अच्छी नही हूँ ----डॉ श्रुति मिश्रा
Replies: 0
Views: 48

मै अच्छी नही हूँ ----डॉ श्रुति मिश्रा

मै अच्छी नही हूँ मुझे महेदी लगानी नही आती , न ही रंगोली बनानी आती है , मे बंद बोतल के ढक्कन जैसी , मुझे दही जमानी नही आती | न कभी व्रत की पति के लिए , न कभी बेटे के लिए , मै सब जैसी औरत नही , मुझे गढ़ी कहानी नही आती . मुझे ढोल बजाना नही आता , न ही नाचना ,गाना आता है , मै अल्हड सी मस्तानी हूँ , कोई ह...
by admin
Fri Nov 16, 2018 10:42 am
Forum: कविता
Topic: "कविता की नदिया"-----महावीर उत्तरांचली
Replies: 0
Views: 51

"कविता की नदिया"-----महावीर उत्तरांचली

"कविता की नदिया" (कवि: महावीर उत्तरांचली) https://plus.google.com/u/0/_/focus/photos/public/AIbEiAIAAABDCIORiOnA7ZqWYiILdmNhcmRfcGhvdG8qKDUzYTY2ZGVhMmNkMTJkMDk2NTViNGYxOTE3Y2VkMTQ1NzcwMjEwZjMwAdu-Ig4D-0jpG4Uu1sRlaXJrVmXi?sz=32 शब्द कहें तू न रुक भइया कदम बढ़ाकर चल-चल-चल-चल कविता की नदिया बहती है करत...
by admin
Fri Nov 16, 2018 10:33 am
Forum: कविता
Topic: अलाव तेरे प्यार की --शकुंतला
Replies: 0
Views: 41

अलाव तेरे प्यार की --शकुंतला

Screenshot_20180417-221227.png
Screenshot_20180417-221227.png (142.02 KiB) Viewed 41 times
by admin
Thu Nov 15, 2018 6:32 pm
Forum: मुक्तक
Topic: अंजुमन में आपका आना उसे अच्छा लगा--अमरेश सिंह भदौरिया
Replies: 0
Views: 46

अंजुमन में आपका आना उसे अच्छा लगा--अमरेश सिंह भदौरिया

Amresh Singh



अंजुमन में आपका आना उसे अच्छा लगा।
चुपके-चुपके मुस्कराना उसे अच्छा लगा।
राज-ए-उल्फ़त इस तरह से सरेआम हुई,
मुहब्बत का ये फ़साना उसे अच्छा लगा।
अमरेश सिंह भदौरिया
by admin
Thu Nov 15, 2018 6:30 pm
Forum: मुक्तक
Topic: सलामत कैसे रहें? बेटियां परिवेश में---अमरेश सिंह भदौरिया
Replies: 0
Views: 36

सलामत कैसे रहें? बेटियां परिवेश में---अमरेश सिंह भदौरिया

मुक्तक https://plus.google.com/u/0/_/focus/photos/public/AIbEiAIAAABECLa-1aegkLi92wEiC3ZjYXJkX3Bob3RvKigwZjVmMDJmNmJhNzdiMTY4MTk0OTJjNDUzOTY5MGFjMjY1NGIyODVjMAFhzgR-klD8UCtnKteehj7H9b2kcw?sz=32 Amresh Singh सलामत कैसे रहें? बेटियां परिवेश में। घूमते हैं भेड़िये अब नियंता के वेश में। यत्र नार्यस्तु प...
by admin
Thu Nov 15, 2018 6:26 pm
Forum: विविध
Topic: संस्मरण---वीणा वत्सल सिंह
Replies: 0
Views: 47

संस्मरण---वीणा वत्सल सिंह

वीणा वत्सल सिंह https://scontent.fnag1-2.fna.fbcdn.net/v/t1.0-1/p160x160/44435782_2266063333616834_5168368828584820736_n.jpg?_nc_cat=110&_nc_ht=scontent.fnag1-2.fna&oh=b3b6ad58ac952cc8f2475280c131cfd8&oe=5C6C6C86 #संस्मरण बात उन दिनों की है जब हम मधुमुस्कान और लोटपोट पढ़ा करते थे। तब चार आने (25 पैस...
by admin
Thu Nov 15, 2018 6:20 pm
Forum: कविता
Topic: इस बार घर सजाना रूई की बत्तियों से---डा. मधु त्रिवेदी
Replies: 0
Views: 41

इस बार घर सजाना रूई की बत्तियों से---डा. मधु त्रिवेदी

madhu trivedi https://plus.google.com/u/0/_/focus/photos/public/AIbEiAIAAABECJGC1ryr0qG1swEiC3ZjYXJkX3Bob3RvKihkNTU2YzY3MGNjMWM5ZDY5OWNmNjIzMzliZTYxNWY2ZmI3NmZiYTg2MAEbH-O--A4g-tQhEAeJA5pC1_0fhw?sz=32 Subject: कविता इस बार घर सजाना रूई की बत्तियों से कर बद्ध कर बुलाना लक्ष्मी को नर्मियों से शुभ और ल...
by admin
Tue Nov 13, 2018 4:16 pm
Forum: कविता
Topic: किस की इबादत करूँ--- सुशील शर्मा
Replies: 0
Views: 64

किस की इबादत करूँ--- सुशील शर्मा

Sushil Sharma किस की इबादत करूँ सुशील शर्मा विषधरों की बस्ती में प्यार ढूंढने चले हो बड़े दीवाने हो ये किस की इबादत करने चले हो बंगलों के गमलों में उगे बोनसाई के पौधे बोध बृक्ष नहीं होते। किश्तों में मर रहे आदमी जिन्दा नहीं होते। आत्मा का अक्षांश कितना झुका है इंसानियत के वृत पर कितना रुका है देह की...