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AWARDS सम्मान

 

स्वर्गविभा- तारा पुरस्कार ON LINE 2012 (II) योजना

 

www.swargvibha.in पर उच्च स्तरीय रचानाएँ (कविता, ग़ज़ल, हाइकु, मुक्तक, शेर, कहानी, संस्मरण, पुस्तक समीक्षा आदि) नि:शुल्क प्रकाशनार्थ आमंत्रित हैं। रचानाएँ Mangal यूनीकोड, अथवा अँग्रेज़ी में टंकित कर swargvibha@gmail.com या फिर swargvibha@ymail.in पर भेजी जा सकती हैं।

 

 


विश्व के कोने- कोने में बिखड़े हिन्दी साहित्यकारों ( प्रेमियों ) को एक मंच पर लाकर खड़ा करने की ख़्वाहिश लिये , बरिष्ठ साहित्यकार डा० श्रीमती तारा सिंह ने 2004 ई० में लोकप्रिय हिन्दी वेबसाइट, http://www.swargvibha.in की स्थापना की। स्वर्गविभा, हिन्दी के प्रचार-प्रसार हेतु , उत्कृष्ट एवं प्रगतिशील हिन्दी रचनाकारों को गत छ: वर्षों से 1500/- नगद, शाल, प्रतीक चिह्न एवं प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित करती आ रही है ।

इसी महायग्य की समानान्तर कड़ी के रूप में इस वर्ष दूसरी बार स्वर्गविभा-तारा सम्मान/पुरस्कार ON LINE योजना प्रारम्भ की जाती है । साहित्यकारों से अनुरोध है कि समाज की ज्वलन्त समस्या ’ हम, हमारी आधुनिकता,और हमारे बुजुर्ग ’ पर अपना आलेख 31 दिसम्बर 2012 तक यूनिकोड में टंकित कर ’http://swargvibha.in/onlinecompetitions‘ पर पोस्ट (post ) करें। 31 जनवरी 2013 तक,’ face book like button’ द्वारा सर्वाधिक प्रशंसित रचना को 1500/- नगद तथा द्वितीय स्थान प्राप्त रचना को 1100/- नगद राशि के साथ, प्रशस्ति-पत्र देकर, फ़रवरी -2013 में सम्मानित किया जायगा ।

ई० आर० के० सिंह, महासचिव

http://www.swargvibha.in