www.swargvibha.in

 

करवाचौथ

 

 

 


karva chauth


 

हर्ज़ नहीं हमराज मेरे, भरना भी पड़े जो हर्ज़ाना,
आज सुनो, ऐ चाँद मेरे, जल्द फ़लक पे आ जाना ।

' रवीन्द्र '

 

 

 

HTML Comment Box is loading comments...