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                            अंक: जुलाई २०१६

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डॉ० बी० पी० सिंह
का० सम्पादक, स्वर्गविभा

 

डॉ० तारा सिंह को इम्वा (IMWA) अवार्ड 2016 

 

imwa

 


राष्ट्रीय, अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कर चुकीं , 32 पुस्तकों की रचयिता, डॉ० श्रीमती तारा सिंह ने 2005 में लोकप्रिय हिन्दी वेबसाइट, स्वर्गविभा ( http://www.swargvibha.in) की स्थापना की, जो निविघ्न उँचाईयों को छूते आगे बढ़ रही है । साथ ही डॉ० सिंह, विगत तीन वर्षों से वेबसाइट पत्रिका ( On line swargvibha magazine ) भी सफ़लता पूर्वक संचालित कर रही हैं । इन सब उपलब्धियों का आंकलन करते हुए इंडियन मीडिया वेलफ़ेयर एसोसियेशन , नई दिल्ली द्वारा इनको BEST SOCIAL ON LINE IMWA 2016 के लिए चयनित कर, गत 15 मई 2016 को सायं पाँच बजे कॉन्सटिट्यूशन क्लब मालवंकर ऑडिटोरियम , रफ़ी मार्ग , नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह में , माननीया केन्द्रीय अल्पसंख्यक विभाग मंत्री, श्रीमती नज़मा हेपतुल्ला के कर कमलों द्वारा IMWA TROPHY प्रदान किया गया । इस अवसर पर मंत्री महोदया के हाथों, डॉ० सिंह की 32 वीं कृति ( उपन्यास ) ,” जिंदगी, बेवफ़ा मैं नहीं “ का भी लोकार्पण किया गया । इसके तुरंत बाद डॉ० सिंह ने अपनी स्वरचित राष्ट्रगीत ( गज़ल ), ’करो भारत को नमन’ , अपने मधुर कंठ से सुनाया ; जिसकी मंत्री महोदया तथा सभा-क़क्ष में उपस्थित सभी मीडिया कर्मी एवं कलाकारों ने अपनी करतल ध्वनि से भूरि-भूरि सराहना की ।

 

 

डॉ० बी० पी० सिंह
सह-अध्यक्ष , स्वर्गविभा, नवी मुम्बई
दिनांक 2 जून 2016


 

 

 

 

डॉ० श्रीमती तारा सिंह को ’नवकार रत्न 2016'

 

 

nawkar

 

’नवकार महामंत्र टाइम्स’ ( ’सच्चा दोस्त’ मीडिया ग्रुप ) द्वारा दिनांक 26 जून 2016 को श्री भगवान महावीर तपोभूमि, जैनतीर्थ, इन्दौर रोड, उज्जैन में आयोजित ’नवकार महोत्सव 2016’ के एक भव्य समारोह में स्वर्गविभा (www.swargvibha.in) की स्थापिका,संपादक एवं प्रवीण साहित्यकार डॉ० श्रीमती तारा सिंह को उनकी अभूतपूर्व उपलब्धियों और निस्वार्थ समाज सेवा हेतु ’नवकार रत्न उपाधि 2016’ से अलंकृत किया गया । परम श्रद्धेय योगी महंत रामनाथ जी महाराज,भरतरि गुफा ; समाजसेवी डॉ० अशोक जैन चायवाले तथा माननीय निदेशक एवं ऑल मीडिया जर्नलिस्ट सोशल वेलफ़ेयर एसोशियेसन के संस्थापक अध्यक्ष श्री अशो्क लुनिया जी के हाथों डॉ० सिंह को, प्रशस्ति-पत्र एवं प्रतीक-चिह्न ( Memento ) प्रदान किये गये | अब तक डॉ० सिंह की 32 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं और उन्हें राष्ट्रीय तथा अन्तर्राष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा 250 अवार्डस/मानदोपाधियों/सम्मानों से नवाज़ा जा चुका है ।

 


डॉ० बी० पी० सिंह
सह-संपादक, स्वर्गविभा, नवी मुम्बई
दिनांक 7 जून 2016

 

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स्वर्ग विभा (www.swargvibha.in),नये-पुराने साहित्यकारों का वह मिलनमंच है ,जहाँ विश्व के कवियों ,लेखकों, गज़लकारों तथा उपन्यासकारों को ससम्मान एक मंच पर नि:शुल्क लाकर खड़ा करती है । केवल आदान मात्र मनुष्य को पूर्ण संतोष नहीं देता, उसे प्रदान का भी अधिकार चाहिये ,और इसी अधिकार का विकसित मंच है स्वर्ग विभा । यह विद्वानों व साहित्य-प्रेमियों के बुद्धिकार्य के स्थूल ग्यान से लेकर इसके जन्म देने वाले सूक्ष्म विचारों की अनुभूतियों को भी स्वयं में संचित करती है । इस प्रकार वामन जैसा लगने वाली स्वर्ग विभा, असीमता में बढ़ती-बढ़ती विराट हो सकती है ; बशर्तेकि आप सबों का सहयोग और प्यार यूँ ही मिलता रहे ।


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